झारखंड में अब करंट से नहीं जाएगी बिजली कर्मियों की जान, 'सुरक्षा कवच' बन काम करेगी स्पेशल टोपी
बिजली कर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) मेटल डिटेक्टर कैप खरीदेगा। ...और पढ़ें

बिजली की चेकिंग करते बिजली मैन। (जागरण)
HighLights
जेबीवीएनएल खरीदेगा बिजली कर्मियों के लिए मेटल डिटेक्टर कैप।
कैप 33/11 केवी लाइनों के पास खतरे का संकेत देगा।
यह तकनीक बिजली कर्मियों को करंट लगने से बचाएगी।
जागरण संवाददाता, रांची। बिजली कर्मियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) जल्द ही मेटल डिटेक्टर कैप की खरीदारी करने जा रहा है।
इस आधुनिक सुरक्षा उपकरण के उपयोग से बिजली लाइन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को संभावित खतरे की पूर्व सूचना मिल सकेगी, जिससे दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
वहीं, विभाग की योजना के अनुसार प्रथम चरण में लगभग तीन लाख रुपये की लागत से मेटल डिटेक्टर कैप खरीदी जाएगी। प्रत्येक सब स्टेशन को 10-10 कैप उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि लाइनमैन और अन्य तकनीकी कर्मचारी सुरक्षित तरीके से कार्य कर सकें।
रांची सर्किल में 98 सब स्टेशन है। जिसमें खूंटी के 11 सब स्टेशन भी शामिल है। वहीं नगर निगम क्षेत्र में 47 सब स्टेशन है, पहले नगर निगम क्षेत्र के सब स्टेशन में कैप दी जाएगी, बचें हुए कैप अन्य सब स्टेशन में विरतण किया जाएगा।
यह कैप जीपीएस से युक्त होगा। साथ ही यह कैप पीले रंग की होगी। बारिश से भी कर्मचारियों को बचाएगा।
लाइन के पास पहुंचते ही देगा संकेत
यह विशेष कैप 33 केवी एवं 11 केवी विद्युत तारों के निकट पहुंचने पर स्वतः संकेत (इंडिकेट) करेगी। इससे कर्मचारी को पहले ही खतरे का आभास हो जाएगा और वह आवश्यक सावधानी बरत सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि यह तकनीक करंट लगने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में प्रभावी साबित होगी।
कर्मचारियों की जान बचाने में मिलेगी मदद
बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को अक्सर ऊंचाई और हाई वोल्टेज लाइनों के बीच काम करना पड़ता है। कई बार सुरक्षा उपकरणों की कमी या चूक के कारण गंभीर हादसे हो जाते हैं। मेटल डिटेक्टर कैप के उपयोग से ऐसे जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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ट्रायल सफल रहा तो होगा व्यापक विस्तार
जेबीवीएनएल रांची एरिया बोर्ड वितरण डिवीजन के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि प्रत्येक वर्ष कई बिजली कर्मियों की करंट लगने से मौत हो जाती है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। फिलहाल मेटल डिटेक्टर कैप को ट्रायल स्तर पर खरीदा जा रहा है।
यदि इसके परिणाम सकारात्मक रहे तो भविष्य में बड़े पैमाने पर इसकी खरीदारी कर सभी आवश्यक इकाइयों में उपलब्ध कराया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
विभाग का मानना है कि आधुनिक तकनीक आधारित यह पहल बिजली कर्मियों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगी। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और वे अधिक सुरक्षित वातावरण में कार्य कर सकेंगे।
इसके इतस्ताल से सैकड़ों बिजली कर्मचारियों की जान बचेंगी। वहीं मानसून में यह मेटल डिटेक्टर कैप काफी कारगर साबित होगा।
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