झारखंड में फर्जी राशनकार्ड धारकों पर बड़ा एक्शन, 13000 से अधिक कंपनी डायरेक्टरों के कटेंगे नाम
झारखंड सरकार ने राशन कार्ड से 13,087 कंपनी निदेशकों और 1,272 सरकारी कर्मचारियों सहित अयोग्य लाभार्थियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
HighLights
13,087 कंपनी निदेशक राशन कार्ड सूची से हटाए जाएंगे।
1,272 सरकारी कर्मचारी भी अयोग्य घोषित, कार्ड रद होंगे।
लाखों नए पात्र लोगों को मिलेगा राशन कार्ड का लाभ।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में गरीबों के राशन पर विभिन्न कंपनियों के डायरेक्टर स्तर के लोगों ने कब्जा कर रखा है। अब ऐसे लोगों के नाम राशनकार्ड के लाभुकों की सूची से हटाए जाएंगे।
ऐसे लोगों की संख्या 13,087 है, जो किसी न किसी कंपनी के डायरेक्टर हैं। राज्य सरकार के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर ऐसे लाभुकों की छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विभाग की ओर से सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को पत्र जारी कर अयोग्य लाभुकों के नाम कार्ड से रद करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
विभाग के स्तर से जारी की परफार्मेंस इंडीकेटर (केपीआई) डेटा के आधार पर लाभुकों के नाम हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें सरकारी नौकरी कर रहे 1,272 लोगों के भी नाम हैं। इसी प्रकार बड़े आयकर दाताओं के नाम भी छंटनी की सूची में शामिल करने को कहा गया है।
पत्र के मुताबिक, ऐसे सभी राशन कार्डों को 02 अगस्त 2026 (रविवार) तक सर्वे कर तुरंत रद करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसमें कार्ड पर दर्ज सभी सदस्यों को शामिल किया गया है।
जिन लोगों के नाम राशन कार्ड से हटाने को कहा गया है उनमें 1.77 लाख ऐसे लाभुक हैं, जो राशन केंद्रों पर पहुंचते ही नहीं। इसी प्रकार 1.10 लाख लाभुकों के नाम दो-दो केंद्रों पर हैं जिनकी जांच करके हटाने का निर्देश दिया गया है।
इन लोगों का नाम हटाया जा रहा है-
- जो व्यक्ति किसी कंपनी के निदेशक हों।
- जिनके नाम पर वाहन पंजीकृत हों भले ही सेकेंड हैंड क्यों ना हो।
- वे लाभार्थी जो सूची में होने के बावजूद सक्रिय रूप से योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं।
- ऐसे कार्डधारी जो एकमात्र सदस्य 18 वर्ष से कम आयु के हों।
सचिव का निर्देश
राज्य सरकार के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने अपने पत्र में सभी अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर इस कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा करें।
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साथ ही पत्र में कहा गया है कि 31 अगस्त 2026 तक बचे हुए अयोग्य लाभुकाें के आधार पर कार्रवाई से वंचित लोगों की सूची सरकार को भेजी जाएगी।
जितने नाम कटेंगे, प्रतीक्षा सूची से उतने ही नाम जुटेंगे
झारखंड में बड़े पैमाने पर लाेगों ने राशन कार्ड के लिए आवेदन कर रखा है। रिक्तियां नहीं होने के कारण इनके नाम प्रतीक्षा सूची में दर्ज हैं।
अब लाखों की संख्या में लोगों के नाम कटने की संभावना बनती दिख रही है और इसी आधार पर नए लोगों के नाम जुड़ने की संभावना प्रबल हो रही है।
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