झारखंड में माओवादियों की कमर टूटी, 16 ने किया आत्मसमर्पण, अब बचे सिर्फ 20
झारखंड में 'ऑपरेशन नवजीवन-2' के तहत 16 माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाल दिए, जिससे राज्य में अब केवल 20 माओवादी बचे हैं। इस आत्मसमर्पण में मिसि ...और पढ़ें

आत्मसमर्पण करने वाले 16 माओवादियों में 14 मिसिर बेसरा दस्ते के।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय में मंगलवार को डीजीपी तदाशा मिश्रा सहित झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ के बड़े आइपीएस अधिकारियों के सामने 16 माओवादियों ने हथियार के साथ आत्मसमर्पण कर दिया।
माओवादियों के विरुद्ध लगातार संचालित माओवादी विरोधी अभियान, संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर तथा झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन माओवादियों ने आपरेशन नवजीवन-2 के तहत आत्मसमर्पण किया है। इन 16 माओवादियों में 11 पुरुष व पांच महिला माओवादी सम्मिलित हैं।
इनमें माओवादियों के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर व केंद्रीय कमेटी सदस्य असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर व मारक दस्ता के सदस्य, कोल्हान व सारंडा के सुदूर जंगल पहाड़ी क्षेत्र की चप्पे-चप्पे की जानकारी रखने वाले 14 माओवादियों के अलावा लातेहार जिला में सक्रिय दो माओवादी भी हैं।
आत्मसमर्पण के मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे झारखंड में अब केवल 20 माओवादी ही बचे हैं। इनमें कुख्यात माओवादी एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा अपने दो अन्य साथियों के साथ सारंडा से भागकर कोल्हान क्षेत्र में घिरा है।
इसी तरह दस लाख का इनामी माओवादियों का जोनल कमांडर सालुका कायम भी अपने दो अन्य साथियों के साथ पोड़ाहाट में घिरा है। एक करोड़ का इनामी सेंट्रल कमेटी सदस्य असीम मंडल अपने नौ अन्य साथियों के साथ पूर्वी सिंहभूम जिले में बंगाल सीमा पर है।
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गढ़वा में एक माओवादी राजू भूईयां बचा है, जबकि पलामू में केवल तीन माओवादी मनोहर गंझू, नीतेश आदि हैं। झारखंड में लगातार चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के फलस्वरूप इस वर्ष 2026 में अब तक कुल 93 माओवादी गिरफ्तार हुए, 45 ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया तथा 22 माओवादी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।

गोली लगने के बाद भी बेसरा ने नहीं लिया था हालचाल, दिल टूट गया
एक करोड़ के इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा के बाडीगार्ड एतवारी मांझी उर्फ सोनोत उर्फ संत उर्फ शनिचरवा भी आत्मसमर्पित 16 माओवादियों में शामिल था। उसने बातचीत में बताया कि छह नवंबर 2025 को सारंडा में वह मिसिर बेसरा के साथ था। उसी समय सुरक्षा बलों से मुठभेड़ हो गई थी। इस मुठभेड़ में उसे गोली लगी थी और वह जख्मी हो गया था।
जख्मी हालत में वह पड़ा रहा, लेकिन उसके बास (मिसिर बेसरा) ने उसकी सुध तक नहीं ली। हालचाल तक नहीं पूछा। इसके बाद उसका दिल टूटा और उसी दिन उसने ठान लिया था कि अब वह माओवाद का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ेगा। इसके लिए उसने अपने परिवार के माध्यम से पुलिस से संपर्क साधा और आत्मसमर्पण किया।
आत्मसमर्पण करने वालों में 15 झारखंड व एक ओडिशा के
आत्मसमर्पण करने वाले 16 माओवादियों में 15 झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), लातेहार, लोहरदगा, हजारीबाग, खूंटी, बोकारो, रांची, सरायकेला-खरसांवा व गिरिडीह जिले के हैं। वहीं, एक सदस्य ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले का है।
झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ के अभियान से प्रभावित होकर ही मिसिर बेसरा दस्ते के आठ माओवादी कमांडर व दस्ता सदस्यों ने छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण किया है।
आत्मसमर्पण करने वाले 16 माओवादियों में एक रीजनल कमेटी सदस्य, तीन जोनल कमांडर, तीन सब जोनल कमांडर, छह एरिया कमांडर व तीन दस्ता सदस्य शामिल हैं। इन माओवादियों ने 11 हथियार व 1562 गोलियों के साथ आत्मसमर्पण किया है।
इस वर्ष की प्रमुख सफलताएं
- 21 मई 2026 को 27 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें सात सब जोनल कमांडर, सात एरिया कमांडर व 13 दस्ता सदस्य शामिल थे।
- 13 जुलाई 2026 को सुरक्षा बलों ने 15 लाख रुपये के इनामी रीजनल कमेटी सदस्य 20 लाख के इनामी रवींद्र गंझू को गिरफ्तार किया था।
- 17 जुलाई 2026 को सुरक्षा बलों ने 25 लाख रुपये के इनामी स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अजय महतो उर्फ टाइगर की गिरफ्तारी व एरिया कमांडर बबिता उर्फ अनिता किस्कू का आत्मसमर्पण हुआ था।
- 28 जुलाई 2026 को अब रीजनल कमेटी सदस्य 15 लाख के इनामी संतोष उर्फ बासुदेव उर्फ गांधी, दस लाख के इनामी चंदन लोहरा, पांच-पांच लाख के इनामी अनिल तुरी व सुखलाल बिरंजिया सहित 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।
आत्मसमर्पण के मौके पर ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
आत्मसमर्पण के मौके पर डीजीपी तदाशा मिश्रा, एडीजी अभियान टी. कंदसामी, एडीजी मनोज कौशिक, आइजी सीआरपीएफ झारखंड चैप्टर साकेत कुमार सिंह, आइजी झारखंड जगुआर अनूप बिरथरे, आइजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह, डीआइजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा, एसपी पश्चिमी सिंहभूम अमित रेणु, एएसपी अभियान मिथिलेश सहित बड़ी संख्या में सीआरपीएफ व झारखंड पुलिस के वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी उपस्थित थे।