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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Assembly Election: आसान नहीं मांडू सीट से कांग्रेस की दावेदारी, पक्ष में नहीं ट्रैक रिकॉर्ड; ये है जीत का इतिहास

    Updated: Mon, 15 Jul 2024 11:43 AM (IST)

    Jharkhand Assembly Election 2024 झारखंड में विधानसभा चुनाव काफी नजदीक हैं। ऐसे में गठबंधनों में सीटों के बंटवारे को लेकर मंथन तेज है। वहीं प्रदेश के प ...और पढ़ें

    मार्च में कांग्रेस की सदस्‍यता के लेने के दौरान जेपी भाई पटेल। (फोटो-एएनआई)
    मार्च में कांग्रेस की सदस्‍यता के लेने के दौरान जेपी भाई पटेल। (फोटो-एएनआई)

    HighLights

    1. झामुमो को मांडू में मिली है कई बार जीत
    2. जेपी पटेल दो बार झामुमो के टिकट पर जीते
    3. जेपी पटेल BJP में शामिल होकर तीसरे बार मांडू से जीते

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में प्रमुख दलों के नेता विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। झारखंड में गठबंधन के तहत पिछले चुनाव में 33 सीटों पर अपने उम्मीवार उतारनेवाली कांग्रेस पार्टी इस वर्ष 35 सीटों पर दावा कर रही है। यह दावेदारी दूसरे दलों से कांग्रेस में शामिल हुए दो विधायकों की वजह से है।

    इनमें से एक हैं झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के प्रदीप यादव और दूसरे हैं भाजपा के जयप्रकाश भाई पटेल। जय प्रकाश भाई पटेल मांडू क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने दो बार झामुमो के टिकट पर जीत दर्ज की है तो तीसरी बार भाजपा के टिकट पर उन्हें जीत मिली थी।

    टेकलाल महतो इसी सीट पर पांच बार जीते

    इसके पूर्व इसी सीट पर पांच बार उनके पिता टेकलाल महतो विधायक रह चुके हैं। 2005 में टेकलाल के सांसद बनने के बाद जदयू के खीरू महतो ने उनके बड़े पुत्र काे चुनाव में हरा दिया था।

    इसके बाद टेकलाल फिर जीते और फिर बारी आई छोटे पुत्र जयप्रकाश भाई पटेल की। जेपी पटेल ने सबसे पहले पिता की मौत के बाद हुए उप चुनाव में इस सीट से वर्ष 2011 झामुमो के टिकट पर में जीत दर्ज की। इसके बाद 2014 में उन्होंने एक बार फिर झामुमो के टिकट पर जीत दर्ज की।

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    2019 में जेपी पटेल ने बदली पार्टी

    2019 में जयप्रकाश भाई पटेल ने पार्टी बदली और भाजपा से मैदान में उतरकर जीत दर्ज की। उन्होंने पांच वर्ष पूरे होने के पहले ही पार्टी बदली और कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।

    कांग्रेस में आते ही लोकसभा चुनाव लड़े जिसमें उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है। इससे परेशान होकर पटेल ने कांग्रेस में अपनी गतिविधियों को सीमित कर लिया है।

    जेपी पटेल के कारण कांग्रेस कर रही सीट पर दावा

    हालांकि, कांग्रेस सूत्रों के अनुसार वह कांग्रेस की टिकट पर ही मांडू विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस के पास भी कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

    पटेल की बदौलत ही कांग्रेस इस सीट पर अपनी दावेदारी कर रही है। पटेल अगर झामुमो में जाते हैं तो कांग्रेस का दावा भी कमजोर पड़ जाएगा। इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण है कि झामुमो का ट्रैक रिकॉर्ड।

    इस सीट से झामुमो उम्मीदवार के तौर पर पांच बार टेकलाल महतो एवं दो बार उनके पुत्र जयप्रकाश भाई पटेल ने जीत दर्ज की है। जयप्रकाश को तीसरी बार भाजपा के टिकट पर जीतने का मौका मिला था। पिछले आठ चुनावों में झामुमो उम्मीदवार की ही इस क्षेत्र से जीत हुई है और एक बार भाजपा से जेपी भाई पटेल जीतें हैं।

    ऐसे में कांग्रेस का दावा कहीं से भी मजबूत प्रतीत नहीं होता, लेकिन उम्मीदवार मजबूत होने से कांग्रेस को इस क्षेत्र से मौका मिल सकता है। ऐसे मांडू विधानसभा क्षेत्र से झामुमो का ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर रहा है।

    मांडू से कब कौन जीता

    वर्ष उम्‍मीदवार और पार्टी
    1985 टेकलाल महतो, झामुमो
    1990 टेकलाल महतो, झामुमो
    1995 टेकलाल महतो, झामुमो
    2000 टेकलाल महतो, झामुमो
    2005 खीरू महतो, जदयू
    2009 टेकलाल महतो, झामुमो
    2011 जयप्रकाश भाई पटेल, झामुमो
    2014 जयप्रकाश भाई पटेल, झामुमो
    2019 जयप्रकाश भाई पटेल, झामुमो

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