यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Election: झारखंड में इन सीटों पर विस चुनाव लड़ेगी JDU, शीर्ष नेतृत्व को भेजी जाएगी लिस्ट
शनिवार को जदयू की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हुई थी और इस बैठक में जदयू ने झारखंड में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए सीटें चिह्नित करने की जानकारी दी है। ...और पढ़ें

HighLights
- सूची को दिया जा रहा अंतिम रूप
- प्रदेश कार्यसमिति की शनिवार को हुई बैठक
राज्य ब्यूरो, रांची। प्रदेश जदयू ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए 10 से 12 सीटें चिह्नित की हैं। ये वैसी सीटें हैं जहां भाजपा या तो कमजोर है या वहां भाजपा का कोई विधायक नहीं है।
प्रदेश कार्यसमिति ने शनिवार को हुई बैठक में सीटों को चिह्नित कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने के लिए प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो को अधिकृत किया था।
कई नेताओं ने दिया चुनाव लड़ने का आवेदन
खीरू महतो ने इस बाबत पूछे जाने पर रविवार को कहा कि सीटें चिह्नित कर उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। एक-दो दिनों में सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी जाएगी। उन्होंने सीटों की जानकारी देने से परहेज किया।
पार्टी मांडू, छतरपुर, गिरिडीह, डुमरी, जमशेदपुर पूर्वी आदि विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ना चाहती है। साथ ही जिलाध्यक्षों के माध्यम से कई नेताओं ने चुनाव लड़ने का आवेदन दिया है।
इन्होंने दिया आवेदन
बताया जाता है कि इनमें पूर्व मंत्री सुधा चौधरी, पूर्व विधायक कामेश्वर दास, भगवान सिंह, मधुकर सिंह, संतोष सोनी, आफताब जमील आदि सम्मिलित हैं। वहीं, खीरू महतो अपने बेटे दुष्यंत पटेल को मांडू से चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं।
हालांकि पार्टी ने जिन सीटों को चिह्नित किया है, उनमें कई पर आजसू मजबूत है। आजसू यहां भाजपा का प्रमुख सहयोगी दल है। बताते चलें कि प्रदेश जदयू कार्यसमिति ने शनिवार को हुई बैठक में एनडीए गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पारित किया है।
साल 2019 में अकेले लड़ा था चुनाव
साथ ही सीटें चिह्नित कर केंद्रीय नेतृत्व को सौंपने का निर्णय लिया है। पार्टी के केंद्रीय नेता ही गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के लिए भाजपा के शीर्ष नेताओं से बात करेंगे। वर्ष 2019 में जदयू ने यहां अकेले चुनाव लड़ा था।
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हालांकि पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका था। इधर, हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन के तहत जदयू को कोई सीट नहीं मिली थी। गठबंधन के तहत जदयू के नेताओं को खास तवज्जो भी नहीं मिली थी।