यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand Assembly Live : विधानसभा की दूसरी पाली में नहीं पहुंचे BJP विधायक, कटौती प्रस्ताव ध्वनि मत से हुआ खारिज
Jharkhand Assembly Winter Session 2023 झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन भी विधानसभा में भाजपा विधायकों ने प्रदर्शन किया। भाजपा के विधायक ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। इस दौरान विधानसभा के मेन गेट पर भाजपा विधायकों ने जमकर प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां लेकर खूब नारेबाजी की। नियोजन नीति स्पष्ट करो... जैसे नारे लगाए।
विधानसभा में हुआ हंगामा
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन भी भाजपा विधायकों ने विधानसभा के बाहर और अंदर जमकर हंगामा किया था। आज भी हंगामा जारी है। लोग तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे हैं। भाजपा और सत्तापक्ष के विधायक आसन के पास आए और स्पीकर के सामने हंगामा करने लगे।

क्या बोले स्पीकर?
स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने कल भी नेताओं के इस व्यवहार को लेकर फटकार लगाई थी। कहा था कि सदन का बेजा इस्तेमाल मत करिए। कार्यवाही को हास्यास्पद मत बनाइए। आसन को उत्तेजित मत कीजिए। आज स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल को हंगामा काल बना देते हैं। हंगामे के कारण विधानसभा की कार्यवाही 12.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

भाजपा विधायक बिरंची नारायण और भानु प्रताप शाही सस्पेंड
स्पीकर ने भाजपा विधायक बिरंची नारायण और भानु प्रताप शाही को सस्पेंड कर दिया है। दोनों विधायकों को सदन से मार्शलों ने विधानसभा से निकाला। निकालने के दौरान निकास द्वार के पास बिरंची नारायण गिर गए।
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स्पीकर ने कहा कहा कि आपकी आदत खराब हो गई है। कल से इन्हें देख रहे थे। इनके कारण लगातार सदन बाधित हो रहा था। हर चीज में ये लाबी में आ जाते हैं। आग्रह करने पर भी नहीं सुनते।
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इसके बाद भाजपा विधायकों ने 'तानशाही नहीं चलेगी' का नारा लगाया। भाजपा विधायकों सदन का बहिष्कार भी किया।

हंगामे पर क्या बोले थे मंत्री मिथिलेश ठाकुर
भाजपा विधायकों के हंगामे पर मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में सांसद निलंबित किए जा सकते हैं तो यहां बिना कारण हंगामा करने वाले विधायक भी निलंबित हों। इसपर स्पीकर ने कहा कि उनकी बात से वे भी सहमत हैं। सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी भाजपा के प्रदर्शन के बाद स्पीकर ने निलंबन की कार्रवाई की।
स्पीकर को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए :
स्पीकर की कार्रवाई पर विधायक सह भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि स्पीकर मुख्यमंत्री के कहने पर कोई निर्णय लेते हैं। उनके पास अपना दिमाग नहीं है। ऐसे स्पीकर को चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।
बिरंची नारायण ने कहा कि हम कार्य स्थगन प्रस्ताव पढ़ने की मांग कर रहे थे। कुछ गलत नहीं किया। इन्होंने माइंडसेट बना लिया था। फिर सीएम ने कहा है कि इन्हें बाहर कर दो। स्पीकर सीएम के इशारे पर काम कर रहे हैं।