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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Awas Yojana: लक्ष्य से भटकी अबुआ आवास योजना, एक भी मकान का निर्माण पूरा नहीं हो सका

    Updated: Thu, 19 Dec 2024 03:31 PM (IST)

    झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना अपने लक्ष्य से काफी पीछे है। गरीबों को पक्का मकान देने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत एक भी आवास हैंड ...और पढ़ें

    अबुआ आवास योजना लक्ष्य से कोसों दूर, एक भी मकान नहीं हुआ पूरा (जागरण ग्राफिक्स)
    अबुआ आवास योजना लक्ष्य से कोसों दूर, एक भी मकान नहीं हुआ पूरा (जागरण ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. अबुआ आवास का निर्माण पहले चरण में पूरा करने का था लक्ष्य
    2. साल में मात्र 1323 अबुआ आवासों की हो सकी छत तक की ढलाई
    3. 1,62,575 लाभुकों ने अबतक आवास बनाने का काम तक शुरू नहीं किया

    आदिल हसन, रांची। ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना (Abua Awas Yojana) लक्ष्य से काफी पीछे है। गरीबों को तीन कमरे का पक्का मकान देने के लिए 2023-24 (वित्तिय वर्ष 2023-24) में शुरू हुई इस योजना के तहत एक भी अबुआ आवास हैंडओवर (पूरी तरह बनकर तैयार) नहीं हो पाया है।

    पहले चरण में एक साल के भीतर 1,99,715 आवास तैयार हो जाने थे। ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़े बताते हैं कि सभी 24 जिले में मात्र 1323 अबुआ आवास की छत तक की ढलाई हो पाई है। ऐसे लाभुकों को विभाग से तीसरी किस्त की राशि दी जा चुकी है, लेकिन चौथी किस्त लाभुक के खातों में नहीं भेजी गई है। अंतिम किस्त नहीं मिलने के कारण लाभुक आवास के रंग रोगन का काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

    आंकड़े बताते हैं कि पहले चरण में 1,99,715 अबुआ आवास स्वीकृत हुए। इनमें 1,93,518 लाभुकों को पहली किस्त, 1,51,443 लाभुकों को दूसरी व 48,801 लाभुकों को तीसरी किस्त मिल चुकी है। एक भी लाभुक को अंतिम किस्त की राशि नहीं मिली है। ग्रामीण विभाग के अधिकारी इसके लिए बालू की किल्ल्त, लोकसभा और विधानसभा चुनाव को जिम्मेवार ठह रहा है। जबकि अबुआ आवास का निर्माण समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने लाभुकों को मुफ्त में बालू तक उपलब्ध कराया।

    दूसरे चरण का हाल भी बुरा

    अबुआ आवास के दूसरे चरण (वित्तीय वर्ष 2024-25) की स्थिति पहले से भी अधिक खराब है। दूसरे चरण राज्य सरकार ने करीब साढ़े चार लाख लाभुकों का अबुआ आवास देने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन सिर्फ 2,91,560 आवास ही स्वीकृत हुए। इनमें महज 1,28,985 लाभुकों को ही अबतक पहली किस्त मिल पाई है।

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    मतलब 1,62,575 लाभुकों ने अबतक आवास बनाने का काम तक शुरू नहीं किया है। जबकि मार्च 2025 तक दूसरा चरण पूरा कर लेना है।

    एक नजर में अबुआ योजना

    वर्ष 2023-24 में अबुआ आवास योजना झारखण्ड सरकार ने राज्य के गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने हेतु शुरू की थी। इस योजना के तहत उन सभी परिवारों को तीन कमरों वाला पक्का मकान जिसका क्षेत्रफल 31 वर्गमीटर होता है। योग्य लाभुक को उनके बैंक खाते में चार किस्त में कुल दो लाख राशि सरकार देती है। झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि वह वर्ष 2026 तक कुल आठ लाख अबुआ आवास आवंटित किए जाएं। प्रथम वर्ष में दो लाख, दूसरे साल में साढ़े तीन लाख और तीसरे साल में ढ़ाई लाख लोगों को अबुआ आवास दिया जाए।

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