यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand CGL Paper Leak Update: सीजीएल पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट, झारखंड हाईकोर्ट ने मांगी जांच रिपोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट में जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक की जांच को लेकर सुनवाई हुई। अदालत ने जांच की अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। स ...और पढ़ें

HighLights
- सरकार ने कहा- एक माह में पूरी होगी जांच
- अभी तक पेपर लीक का साक्ष्य नहीं मिला
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक की जांच को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच की अद्यतन रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 18 जून को होगी।
इससे पहले महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि पेपर लीक मामले की जांच सीआइडी कर रही है। एक माह में जांच पूरी कर ली जाएगी। इस मामले में तीन आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया गया है। इस दौरान सरकार ने अदालत को बताया कि अब तक के अनुसंधान में पेपर लीक का कोई साक्ष्य नहीं मिला है।
सरकार की दलील का याचिकाकर्ताओं ने विरोध किया
सरकार की इस दलील का प्रार्थियों ने विरोध किया और इस पर जवाब देने के लिए समय देने का आग्रह किया गया। पूर्व में इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने परीक्षा परिणाम के प्रकाशन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामले की जांच सीआइडी कर रही है। सीजीएल परीक्षा-2023 में गड़बड़ी के आरोप में सीआइडी ने दो केस दर्ज किए हैं। पहला केस रांची पुलिस से टेकओवर करने के बाद दर्ज किया गया है, जो रातू थाने में दर्ज हुआ था।
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जबकि, दूसरा केस जेएसएससी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। इस मामले के अनुसंधान के लिए डीजीपी सह सीआइडी के डीजी अनुराग गुप्ता ने एसआइटी भी गठित की है।
इस संबंध में दाखिल याचिका में कहा गया है कि सीजीएल परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन प्रश्नपत्र लीक हो गया था। इसके बाद एसआइटी का गठन किया गया और परीक्षा रद कर दी गई। दोबारा 21 सितंबर एवं 22 सितंबर 2024 को हुई परीक्षा में भी पेपर लीक हो गया।