झारखंड कांग्रेस में ‘वन मैन शो’ का आरोप, प्रदेश प्रभारी के एकतरफा फैसलों से बढ़ रहा असंतोष
झारखंड कांग्रेस में प्रदेश प्रभारी के एकतरफा फैसलों से आंतरिक द्वंद्व बढ़ गया है। वे महत्वपूर्ण निर्णय बिना प्रदेश अध्यक्ष या अन्य नेताओं को सूचित किए ...और पढ़ें

प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को डिजिटल प्लेटफार्म से पता चलता है झारखंड के कार्यक्रम। (फोटो: फाइल)
HighLights
झारखंड में प्रदेश प्रभारी ले रहे महत्वपूर्ण एकतरफा निर्णय।
प्रदेश अध्यक्ष तक को नहीं मिल रही कार्यक्रमों की सूचना।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कांग्रेस में नेताओं के बीच का आपसी द्वंद्व तेजी से धरातल पर उभर कर आ रहा है। हाल में हुए कुछ घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी एकतरफा फैसले ले रहे हैं।
अन्य नेताओं और मंत्रियों ने भी इसी तरह की गतिविधियां शुरू कर दी हैं। नतीजा यह होता है कि बड़े और प्रमुख कार्यक्रमों की सूचना ना तो प्रदेश अध्यक्ष को हाेती है और ना ही प्रवक्ताओं को।
माना जा रहा है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के अधिकारों का दमन करते हुए उनके हिस्से का काम भी स्वयं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी कर रहे हैं। झारखंड प्रभारी के राजू हैं तो प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश हैं।
इस मामले में प्रमख कांग्रेस नेता प्रतिक्रिया देने से बचते रहे हैं। झारखंड कांग्रेस के एक दर्जन नेताओं जिसमें सांसद और विधायकों तक के नाम शामिल हैं, को असम विस के चुनाव में प्रचार के लिए भेजे जाने का निर्णय भले ही कांग्रेस मुख्यालय करे, आम तौर पर इसको लेकर पत्र जारी करने का काम केंद्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल अथवा प्रदेश अध्यक्ष का होता है।
प्रदेश के नेताओं के पास देर से आती है सूचना
शनिवार को कांग्रेस नेताओं को असम में प्रचार की जिम्मेदारी देने से संबंधित दो अलग-अलग पत्र जारी हुए और दोनों प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने जारी किया। सुबह जारी पत्र में नौ लोगों के नाम थे जिनमें दो मंत्री और पांच विधायकों के अलावा एक सांसद और एक नाम प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष का था।
इस पत्र की प्रतिलिपि झारखंड और असम के प्रदेश अध्यक्षों को तो है, केंद्रीय स्तर पर संगठन के किसी नेता को इसकी सूचना नहीं है।
पत्र की प्रतिलिपि ना तो संगठन महासचिव को दी गई है और ना ही पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष को। माना जा रहा है कि दो राज्यों के बीच का मामला होने के कारण केंद्रीय नेतृत्व को तो इसकी जानकारी होनी ही चाहिए थी।
एक अन्य प्रकरण भी प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के बीच चर्चा में है। शनिवार को ही केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत झारखंड आई थीं। उनके झारखंड आगमन की जानकारी प्रदेश कांग्रेस के किसी नेता को नहीं थी।
बड़ी बात यह भी है कि सुप्रिया श्रीनेत कांग्रेस में जिस शाखा की अध्यक्षता कर रही हैं, उस शाखा के प्रदेश स्तर के नेताओं तक को जानकारी नहीं थी कि सुप्रिया रांची आ रही हैं।
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