यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विधानसभा चुनाव से पहले झारखंड में कांग्रेस ने खेला बड़ा दांव, जेल में बंद कद्दावर नेता को दे दी अहम जिम्मेदारी
Jharkhand Politics झारखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी उफान पर है। इस बीच कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है। कांग्रेस ने जेल में एक कद्दावर ने ...और पढ़ें

HighLights
- आलमगीर को कांग्रेस ने बनाया प्रचार समिति का सदस्य
- भाजपा ने कहा- यह तुष्टीकरण की राजनीति है
राज्य ब्यूरो, रांची। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने जेल में बंद पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर बनी प्रचार समिति का सदस्य बनाया है। इस निर्णय की आलोचना करते हुए भाजपा ने इसे स्पष्ट तौर पर तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है।
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाते हुए कहा है कि कांग्रेस इस तरह के अजीबोगरीब फैसले लेती रहती है। दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा पहले अपने दामन में झांके।
भाजपा के स्टार प्रचारक और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा सजायाफ्ता हरि नारायण राय से जाकर उनके आवास पर मिलते हैं। इसमें तो उन्हें कोई गलती नहीं दिखती, लेकिन कांग्रेस ने अपने एक विधायक को प्रचार समिति में रखा तो इन्हें आपत्ति हो गई।
आलमगीर आलम के खिलाफ जो आरोप लगे हैं, वह अभी तक सिद्ध नहीं हुए हैं। महज आरोप लगा देने से कोई नेता गलत नहीं हो जाता है।
तीन दर्जन के करीब स्थानीय नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
ज्ञात हो कि झारखंड में विधानसभा चुनाव के लिए बनी कांग्रेस की चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय बनाए गए हैं और इसमें तीन दर्जन के करीब स्थानीय नेताओं को जगह दी गई है।
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सहाय के अलावा पूर्व अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार, आलमगीर आलम, राजेश ठाकुर, डॉ.प्रदीप बलमुचू, कालीचरण मुंडा, प्रदीप यादव, बत्रा गुप्ता, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी, प्रणव झा, अंबा प्रसाद, पूर्णिमा नीरज सिंह, धीरज प्रसाद साहू, फुरकान अंसारी, डॉ. अजय शाहदेव, दयामनी बारला, अनुपमा सिंह, यशस्विनी सहाय व अन्य को सदस्य बनाया गया है।