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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    उत्तर प्रदेश के साधुओं की पिटाई के बाद गरमाई सियासत, अब तक 12 गिरफ्तार; भाजपा ने CM पर जमकर बोला हमला

    By Birendra Kumar OJha Edited By: Mukul Kumar
    Updated: Sun, 14 Jan 2024 08:00 AM (IST)

    गंगासागर की यात्रा पर निकले तीन साधुओं की शुक्रवार को पुरुलिया जिले के काशीपुर में ग्रामीणों ने बुरी तरह पिटाई कर दी गई थी। पुरुलिया जिला पुलिस ने इस ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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    HighLights

    1. पुरुलिया के भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने साधुओं को पहनाए नए वस्त्र
    2. बंगाल में हिंदू होना अपराध हो गया : सुकांत

    जागरण संवाददाता, पुरुलिया। महाराष्ट्र के पालघर की तरह बंगाल में भी दुर्घटना होने से टल गई। गंगासागर की यात्रा पर निकले तीन साधुओं की शुक्रवार को पुरुलिया जिले के काशीपुर में ग्रामीणों ने बुरी तरह पिटाई कर दी थी।

    यह संयोग रहा कि पुलिस को समय पर सूचना मिल गई और उसने साधुओं को भीड़ से सुरक्षित निकाल लिया। पुरुलिया जिला पुलिस ने इस मामले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों पर बच्चा चोरी की अफवाह फैलाकर साधुओं को घेर कर हमला करने का आरोप है।

    अब तक की जानकारी के अनुसार, बरेली (उत्तर प्रदेश) के विसरतगंज सोमेश्वर धाम स्थित मुरलीदास आश्रम के साधु सुनील गोस्वामी, मधुरनाथ गोस्वामी एवं प्रमोदनाथ गोस्वामी एक रसोइया के साथ किराये की बोलेरो कार से गंगासागर जा रहे थे।

    रांची से यह कार जब पुरुलिया जिला के काशीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरांगडीह गांव पहुंची, तो कुछ लोगों ने साधुओं को दानस्वरूप कुछ रुपये दिए। कुछ लोगों ने सलाह दी कि नजदीक का ईंट भट्ठा मालिक दान दे सकता है। इसके बाद साधुओं ने गांव की तीन लड़कियों से ईंट भट्ठा मालिक का पता पूछा।

    हिंदी नहीं समझने या किसी और बात पर लड़कियां डर कर भाग गईं। उन्होंने आसपास में अफवाह फैला दी कि कार से बच्चा चोर घूम रहे हैं। इसके बाद ग्रामीण जुट गए। सड़क से कार को लेकर नजदीक के काली मंदिर ले गए और वहां साधुओं की बेरहमी से पिटाई करने लगे।

    साधुओं का भगवा वस्त्र फाड़कर उन्हें निर्वस्त्र तक कर दिया। साधु गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन उनकी बात कोई सुनने को तैयार नहीं था। ग्रामीणों के शोरगुल में साधुओं की आवाज दब गई। तब तक पुलिस को सूचना मिल गई थी। पुलिस साधुओं को भीड़ से निकालकर थाना ले आई।

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    सूचना पाक शनिवार को पुरुलिया के भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो काशीपुर गए। वहां थाना परिसर में ही साधुओं से मुलाकात की। सांसद सहित भाजपा कार्यकर्ताओं-समर्थकों ने साधुओं से क्षमा मांगी। उन्हें नए वस्त्र दिए।

    पुलिस निर्दाेष को पकड़ कर रही खानापूर्ति : सांसद

    सांसद ज्योतिर्मय महतो ने काशीपुर थाना की पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस निर्दोष ग्रामीणों को गिरफ्तार करके खानापूर्ति कर रही है। इस मामले का वास्तविक दोषी काशीपुर थाना का नागरिक स्वयंसेवी आरक्षी (सिविक वालंटियर) शेख अनवर है, जिसने साधुओं के बच्चा चोर होने का आरोप लगाकर ग्रामीणों को भड़काया था।

    सांसद ने शेख अनवर सहित उन सभी लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की है, जो साधुओं की पिटाई में शामिल थे। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग साधु-संतों का सम्मान करते हैं, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राज्य को बदनाम कर दिया।

    पुरुलिया के एसपी अभिजीत बनर्जी ने बताया कि पुलिस ने इस घटना में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस अभिरक्षा में साधुओं को गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया है। साधुओं के साथ सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो का गाड़ी भी शामिल था।

    बंगाल में हिंदू होना अपराध 

    इस घटना के बाद भाजपा राज्य में ममता सरकार पर हमलावर हो गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद सुकांत मजूमदार ने घटना को नृशंस बताते हुए कहा कि बंगाल में हिंदू होना अपराध हो गया है। मजूमदार ने एक्स पर लिखा- पुरुलिया से चौंकाने वाली घटना।

    गंगासागर जा रहे साधुओं को सत्तारूढ़ टीएमसी से जुड़े अपराधियों ने निर्वस्त्र कर पीटा, जो महाराष्ट्र के पालघर जैसी त्रासदी से मिलती है। ममता बनर्जी के शासन में ईडी अधिकारियों पर हमले के मास्टरमाइंड तृणमूल नेता शाहजहां शेख जैसे आतंकवादी को राज्य संरक्षण मिलता है, जबकि साधुओं को हिंसा का सामना करना पड़ता है।

    भाजपा आइटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने लिखा- बंगाल के पुरुलिया से बेहद चौंकाने वाली घटना। पालघर की ही तरह लिंचिंग में मकर संक्रांति के लिए गंगासागर जा रहे साधुओं को सत्तारूढ़ टीएमसी से जुड़े अपराधियों ने निर्वस्त्र कर पीटा।

    ममता बनर्जी के शासन में शाहजहां शेख जैसे आतंकवादी को सरकारी संरक्षण मिलता है और साधुओं की हत्या की जा रही है। बंगाल में हिंदू होना अपराध है।

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