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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर काफी मददगार हुआ साबित, पुलिस ने फ्रीज कराए 15.77 करोड़ रुपये

    Updated: Fri, 16 Aug 2024 06:55 PM (IST)

    Cyber Fraud झारखंड में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार जारी कार्रवाई को लेकर बढ़ी सक्रियता पिछले ढाई सालों से जारी है। इस संबध में नेशनल साइबर क्राइम रिपो ...और पढ़ें

    1039 साइबर हेल्पलाइन नंबर से साइबर ठगों के करोड़ों रुपये पुलिस ने कराए वापिस
    1039 साइबर हेल्पलाइन नंबर से साइबर ठगों के करोड़ों रुपये पुलिस ने कराए वापिस

    HighLights

    1. नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से जुड़ा है साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930
    2. पीड़ितों के रुपयों की वापसी को लेकर पुलिस का अभी भी जारी है प्रयास

    राज्य ब्यूरो, रांची। Online Fraud News: राज्य में साइबर अपराध के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है। यह सक्रियता पिछले ढाई साल से है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से संबद्ध साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 बेहद कारगर साबित हुआ है।

    इस पर मार्च 2022 से अब तक पुलिस ने 15 करोड़ 77 लाख रुपये फ्रीज करवाया है। इसकी मानीटरिंग सीआइडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाना कर रहा है। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी के शिकार लोगों के रुपयों के वापसी भी जारी है।

    इस ढाई साल की अवधि में सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर अब तक करीब तीन करोड़ रुपये साइबर ठगी के शिकार लोगों के वापस हो चुके हैं। अन्य के वापसी की प्रक्रिया भी चल रही है।

     दूसरो राज्यों की पुलिस ने भी लगा रखी है रोक

    ठगी के शिकार लोगों को उनके रुपयों की वापसी में विलंब होने के पीछे के कारणों के बारे में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हैं कि जिन खातों के विरुद्ध कार्रवाई हुई है, उन पर दूसरे राज्यों में भी मामले दर्ज हैं। दूसरे राज्य की पुलिस भी उन खातों से रुपयों की निकासी पर रोक लगा रखी है।

    सभी राज्यों से क्लियरेंस लेने के बाद ही रुपये वापस हो सकते हैं। इसी प्रक्रिया में समय लगता है। कोर्ट ने भी साइबर अपराध में शामिल अपराधियों को जमानत देने के पहले कुछ नियम व शर्त लगा रखा है कि जब तक भुक्तभोगियों के रुपये वापस नहीं होंगे, तब तक जमानत का लाभ नहीं मिलेगा।

    दिसंबर 2023 से अब तक 227 कांड दर्ज, 1063 साइबर अपराधी गिरफ्तार

    पुलिस के अनुसार जागरूकता से ही साइबर अपराध से बचा जा सकता है। इसके लिए व्यापक पैमाने पर विभिन्न इलेक्ट्रानिक व प्रिंट मीडिया से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। स्कूल-कॉलेजों में भी इससे संबंधित व्यापक अभियान चलेगा।

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    अपराध अनुसंधान विभाग ने प्रतिबिंब वेब पोर्टल बनाया है, जिसके माध्यम से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल नंबरों का लाइव मॉनीटारिंग की जाती है। इसके माध्यम से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल नंबरों का लाइव मॉनीटरिंग कर दिसंबर 2023 से अब तक 227 कांड दर्ज किए गए हैं।

    1063 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 2326 मोबाइल व 3427 सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। इससे न केवल झारखंड राज्य बल्कि अन्य राज्यों के कांडों का भी खुलासा किया गया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के अंतर्गत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 राज्य में 24 घंटे कार्यरत है।

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