Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Election 2024: महागठबंधन ने जारी किया मेनिफेस्टो, झारखंड की जनता से किए 7 वादे

    Updated: Tue, 05 Nov 2024 06:25 PM (GMT+05:30)

    झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। एक वोट-सात गारंटी नाम के इस घोषणा पत्र में मंईयां सम्मान योजना सामाजिक न्या ...और पढ़ें

    महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता में मौजूद खरगे, हेमंत सोरेन, जयप्रकाश यादव एवं अन्य
    महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता में मौजूद खरगे, हेमंत सोरेन, जयप्रकाश यादव एवं अन्य

    राज्य ब्यूरो, रांची। महागठबंधन में शामिल दलों ने मंगलवार को संयुक्त रूप से घोषणापत्र जारी किया जिसे एक वोट, सात गारंटी का नाम दिया गया है। नाम से ही जाहिर है कि इस बार चुनाव में इन्हीं सात गांरटियों के बूते महागठबंधन दोबारा सत्ता में आने की कोशिश करेगा। घोषणापत्र में 1932 के खतियान से लेकर धान के एमएसपी को 2400 से बढ़ाकर 3200 तक करने की बातें की गई हैं। संयुक्त घोषणापत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि 1932 के खतियान के आधार पर ही स्थानीयता नीति लागू होगी।

    सरना धर्म कोड लागू करवाने के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण का भी वादा किया गया है। सामाजिक न्याय, खाद्य सुरक्षा, रोजगार एवं स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा एवं किसान कल्याण की भी गारंटी दी गई है। घोषणापत्र पेश करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भाजपा शासनकाल में राज्य दिशाहीन हो गया था लेकिन हम लोगों ने इसे सही रास्ते पर लाने की कोशिश की है।

    आरोप लगाया कि ना जाने किन कारणों से चुनाव आयोग ने राज्य में एक महीने पहले ही चुनाव कराने का निर्णय ले लिया। हम जानते हैं कि आयोग के पास अपार शक्तियां हैं लेकिन इन शक्तियों का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उपयोग होना भी आवश्यक है। हेमंत ने सात चरणों की जगह पर दो चरणों में चुनाव कराने के निर्णय पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके पीछे का तर्क अभी भी समझ से परे है।

    कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि झारखंड में हमारी सरकार बनी तो हेमंत सोरेन ही नेतृत्व करेंगे। सातों गारंटी सामान्य जनता को लाभ दिलाता है जबकि भाजपा के घोषणापत्र में अडाणी-अंबानी को लाभ पहुंचाने का मकसद छिपा रहता है। हम जब गारंटी देते हैं तो निभाते भी हैं। हम भाजपा की तरह काम नहीं करते। एक आदमी घोषणा करे और दूसरा उसे जुमला करार दे। कर्नाटक के संदर्भ में अपने विचारों को भाजपा के द्वारा तोड़मरोड़कर पेश करने की बात भी कही और कहा कि वो जब चाहें, हम बहस करने के लिए तैयार हैं।

    खबरें और भी

    इस दौरान उन्होंने किसानों के आय को दोगुना किए जाने के वादे समेत नोटबंदी के दौरान दिए गए वादों की याद भी दिलाई। राजद नेता जयप्रकाश यादव ने भी कुछ ऐसी ही बातें कहीं। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में राजद की बातें समाहित की गई हैं। वामपंथी पार्टियों का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रकाश विप्लव ने कहा कि भाजपा के कुछ नेता बलडोजर लेकर सभाएं कर रहे हैं। ये बुलडोजर का इस्तेमाल सभी के खिलाफ करेंगे।

    ये हैं सात गारंटियां

    गारंटी 1932 आधारित खतियान की:

    1932 के खतियान पर आधारित स्थानीयता नीति लाने, सरना धर्म कोड को लागू करवाने के साथ-साथ क्षेत्रीय भाषा-संस्कृति के संरक्षण को संकल्पित रहने की बात कही गई।

    गारंटी मंईयां सम्मान की:

    बताया गया कि दिसंबर 2024 से मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत एक हजार रुपये की जगह ₹2,500 की सम्मान राशि दी जाएगी।

    गारंटी सामाजिक न्याय की:

    इसके तहत एसटी-28 प्रतिशत, एससी-12 प्रतिशत, ओबीसी को 27 प्रतिशत एवं अल्पसंख्यक के हितों का संरक्षण करने हेतु संकल्पित होने की बात कही गई है। साथ ही पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय के गठन हेतु संकल्पित होने का दावा भी किया गया।

    गारंटी खाद्य सुरक्षा की:

    इसके तहत राशन वितरण 7 किलो प्रति व्यक्ति की दर पर किया जाएगा। साथ ही, गैस सिलेंडर राज्य के हर गरीब परिवार को ₹450 में दिया जाएगा।

    गारंटी रोजगार एवं स्वास्थ्य सुरक्षा की:

    झारखंड के 10 लाख युवक-युवतियों को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ₹15 लाख तक परिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा।

    गारंटी शिक्षा की:

    राज्य के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज तथा जिला मुख्यालयों में इंजीनियरिंग, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। साथ ही, रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु औद्योगिक प्रोत्साहन नीति लाते हुए राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में 500-500 एकड़ का औद्योगिक पार्क बनाया जाएगा।

    गारंटी किसान कल्याण की:

    धान पर न्यूनतम समर्थन मूल् को ₹2,400 से बढ़ाकर ₹3,200 करने के साथ-साथ लाह, तसर, करंज, इमली, महुआ, चिरोंजी, साल बीज आदि के समर्थन मूल्य में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी।

    ये भी पढ़ें- Jharkhand Election 2024: 'भाजपा की सरकार बनते ही घुसपैठिया होंगे बाहर', देवघर में बोले निशिकांत दुबे

    ये भी पढ़ें- Mallikarjun Kharge: 'भाजपा का मकसद आदिवासी मुख्यमंत्री को हटाकर...', खरगे का बड़ा बयान; PM मोदी को घेरा