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    ED अधिकारियों पर एससी-एसटी केस: झारखंड सीएम हेमंत सोरेन पर हाई कोर्ट ने लगाया 1000 रुपए का जुर्माना

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 10:04 AM (IST)

    झारखंड हाई कोर्ट ने ईडी अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद करने की याचिका पर सुनवाई की। जवाब दाखिल न करने पर हेमंत सोरेन पर एक ह ...और पढ़ें

    ईडी के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी केस दर्ज कराने का मामला।

    ईडी के तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी केस दर्ज कराने का मामला।

    HighLights

    1. हेमंत सोरेन पर हाई कोर्ट ने लगाया एक हजार का जुर्माना।

    2. ईडी अधिकारियों पर एससी-एसटी केस रद्द करने की याचिका पर सुनवाई।

    3. जुर्माने की राशि झालसा में जमा करने का निर्देश।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में ईडी अधिकारियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी हेमंत सोरेन की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की गई।

    जिसके बाद अदालत ने उनपर एक हजार का जुर्माना लगाते हुए जवाब दाखिल करने की अनुमति प्रदान की है। अदालत ने कहा कि उक्त राशि झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) में जमा की जाए। मामले में अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

    इस संबंध में ईडी के तत्कालीन अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा सहित अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर हेमंत सोरेन की ओर से एससी-एसटी के तहत दर्ज कराई गई प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की गई है।

    हेमंत सोरेन ने रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी के अधिकारी कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल व अन्य अज्ञात के विरुद्ध 31 जनवरी को एससी-एसटी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

    ईडी ने मीडिया में भ्रम फैलाने का काम किया: हेमंत

    हेमंत सोरेन ने कहा था कि ईडी के अधिकारियों ने उन्हें 29 से 31 जनवरी तक रांची में रहने के लिए कहा था। इसी बीच उनके दिल्ली स्थित आवास पर उनकी अनुपस्थिति में बिना किसी पूर्व सूचना के छापामारी की गई।

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    हेमंत सोरेन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि केंद्रीय जांच एजेंसी के इस झूठे, बनावटी कृत्य से वह मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित हुए हैं। ईडी ने मीडिया में भ्रम फैलाने का काम किया है। उन्हें जनता के बीच बदनाम करने की कोशिश की गई है।

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