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    झारखंड में मई से SIR: घर-घर पहुंच रहे BLO, गेट पर लगाएंगे खास स्टीकर; एक ही बूथ पर होगा पूरे परिवार का रजिस्ट्रेशन

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 09:57 AM (IST)

    झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार जिलों का दौरा कर व ...और पढ़ें

    बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं।

    बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं।

    HighLights

    1. मई में शुरू हो सकता है मतदाता सूची का पुनरीक्षण।

    2. एक ही बूथ पर परिवार के सभी सदस्यों का पंजीकरण।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) शुरू होने से पहले प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अब तक इन तैयारियों की समीक्षा मुख्यतः वर्चुअल बैठकों के माध्यम से की जा रही थी, लेकिन भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद अब जिलों में जाकर भौतिक निरीक्षण शुरू कर दिया गया है।

    इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और संभावित कमियों को समय रहते दूर करना है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने इसी क्रम में रविवार को जमशेदपुर का दौरा कर जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्रों में तैयारियों की समीक्षा की।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और समावेशी होनी चाहिए। वे आगामी दिनों में अन्य जिलों का भी दौरा कर तैयारियों का जायजा लेंगे।

    मई में शुरू होने की संभावना

    एसआइआर की तिथि को लेकर फिलहाल आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, हालांकि निर्वाचन विभाग के अधिकारियों को अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह में इसकी घोषणा की उम्मीद थी। अब तक तिथि घोषित नहीं होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।

    अधिकारियों का मानना है कि भारत निर्वाचन आयोग कभी भी इसकी घोषणा कर सकता है। बंगाल और असम विधानसभा चुनाव के परिणाम चार मई को घोषित होने हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इन चुनावों के बाद यानी मई माह में ही झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

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    एक ही बूथ पर परिवार के सभी सदस्यों का नाम दर्ज करने पर जोर

    निर्वाचन आयोग इस बार विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दे रहा है कि एक ही परिवार के सभी योग्य मतदाताओं के नाम एक ही मतदान केंद्र (बूथ) पर दर्ज हों। वर्तमान में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग बूथों पर पंजीकृत हैं, जिससे मतदान के दौरान असुविधा होती है।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने समीक्षा बैठकों में इस विसंगति को दूर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि वे ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    घर-घर जाकर बीएलओ कर रहे सत्यापन, लगाए जा रहे स्टीकर

    मतदाता सूची में कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए, इसके लिए बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) को घर-घर जाकर सत्यापन का जिम्मा सौंपा गया है। इस दौरान बीएलओ द्वारा प्रत्येक घर पर अपनी जानकारी वाला स्टीकर भी चिपकाया जा रहा है, जिससे संबंधित बूथ की पहचान और संपर्क आसान हो सके।

    बीएलओ घरों का सर्वे करते हुए एक रजिस्टर में परिवार के सभी मतदाताओं और उनके मुखिया का विवरण दर्ज कर रहे हैं। जिन घरों के पास पहले से कोई आधिकारिक मकान संख्या नहीं है, उन्हें भी एक अस्थायी (नोटशनल) नंबर प्रदान किया जा रहा है ताकि डेटा का व्यवस्थित संकलन हो सके।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया है कि बीएलओ ऐसे मतदाताओं की भी पहचान करें, जिनकी पिछली पुनरीक्षण प्रक्रिया में मैपिंग नहीं हो पाई थी। साथ ही एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट श्रेणी के मतदाताओं की सूची तैयार कर उसे नियमानुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 से प्रमाणित कराने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाए।

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