अवैध टोल टैक्स की राशि सीसीएल को लौटाएं, झारखंड हाई कोर्ट का हेमंत सरकार को निर्देश
झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कोयला ढुलाई के दौरान वसूले गए अवैध टोल टैक्स की राशि सीसीएल को वापस करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार से शपथप ...और पढ़ें

सीसीएल ने कहा- टोल टैक्स की राशि सरकार के यहां जमा।
HighLights
झारखंड हाई कोर्ट ने अवैध टोल टैक्स वापसी का आदेश दिया।
राज्य सरकार को सीसीएल को वसूली गई राशि लौटानी होगी।
अदालत ने सरकार से वापसी की समय-सीमा बताने को कहा।
राज्य ब्यूरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने कोयला ढुलाई के दौरान सात माह तक वसूले गए टोल टैक्स की वापसी से जुड़े मामले में राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिया है।
खंडपीठ ने सरकार से कहा कि सीसीएल ने टोल टैक्स के रूप में वसूली गई जो राशि राज्य सरकार के पास जमा की है, उसे सीसीएल को वापस करना होगा। अदालत ने सरकार को शपथपत्र दाखिल कर यह बताने को कहा है कि राशि कब तक सीसीएल को लौटाई जाएगी। मामले की सुनवाई विनायक सपोर्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दाखिल याचिका पर हुई।
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वह सरकार से निर्देश प्राप्त कर बताएंगे कि राशि कितने दिनों में वापस की जा सकती है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को निर्धारित की है। दरअसल, राज्य सरकार के टोल टैक्स रूल्स-2021 के तहत सीसीएल ने कोयला ढुलाई करने वालों से टोल टैक्स की वसूली की थी। यह राशि 26 अक्टूबर 2021 से 15 अप्रैल 2022 तक करीब सात माह के दौरान 60 रुपये प्रति टन की दर से वसूली गई थी।
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सुनवाई के दौरान सीसीएल की ओर से अदालत को बताया गया कि टोल टैक्स के रूप में वसूली गई राशि उसने राज्य सरकार के पास जमा करा दी थी। अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट पूर्व में एक मामले में राज्य सरकार के इस टोल टैक्स को अवैध करार दे चुका है।
हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल की थी, जिसे बाद में सरकार ने वापस ले लिया था। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में प्रार्थी से सात माह के दौरान वसूली गई टोल टैक्स की राशि उसे वापस मिलनी चाहिए।
खंडपीठ ने सीसीएल से यह बताने को कहा कि टोल टैक्स के मद में प्रार्थी से ली गई राशि उसे कब तक वापस की जाएगी। अदालत ने राज्य सरकार से कहा कि सीसीएल ने प्रार्थी से टोल टैक्स के रूप में जो राशि वसूल कर सरकारी खजाने में जमा की थी, उसे सीसीएल को वापस किया जाए, ताकि संबंधित राशि प्रार्थी को लौटाई जा सके।