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    बंदूक की नोक पर गैंगरेप, फिर पुलिस की ज्यादती; अब झारखंड हाईकोर्ट के फैसले से पीड़िता को न्याय की आस

    Updated: Sun, 02 Aug 2026 04:48 PM (IST)

    झारखंड उच्च न्यायालय ने गढ़वा में बंदूक की नोक पर छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी राहुल चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। इस फैसल ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर

    सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी राहुल चौधरी की अग्रिम जमानत खारिज की।

    2. छात्रा को बंदूक की नोक पर अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

    3. पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, डीएलएसए के हस्तक्षेप से FIR दर्ज।

    अंजनी कुमार उपाध्याय, गढ़वा। जिले के डंडा थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय छात्रा को पिस्तौल की नोक पर अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म करने के सनसनीखेज मामले में झारखंड उच्च न्यायालय ने मुख्य आरोपी को तगड़ा झटका दिया है।

    याचिकाकर्ता राहुल चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका (एबीए संख्या 4156/2026) पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने सख्त रुख अपनाया और याचिका खारिज कर दी।

    दरअसल, सुनवाई के दौरान सूचक के अधिवक्ता संजय कुमार सारस्वत ने अदालत को अवगत कराया कि आरोपी के खिलाफ निचली अदालत से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 84 के तहत इश्तहार और कुर्की का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।

    आरोपित को कानून के शिकंजे में पूरी तरह घिरता देख आरोपी के अधिवक्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी, जिससे अब आरोपी की गिरफ्तारी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

    जानिए क्या है रूह कंपा देने वाला पूरा मामला?

    यह दिल दहला देने वाली वारदात पलामू के पनेरीबांध से शुरू हुई थी, जहां पीड़ित छात्रा रहकर पढ़ाई करती थी। उसके पड़ोस में ही पलामू के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बरांव गांव के लकड़ही टोला का रहने वाला राहुल चौधरी रहता था।

    आरोप है कि राहुल ने छात्रा को अकेला पाकर पिस्तौल की नोक पर जबरन हवस का शिकार बनाया और किसी से कुछ भी कहने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में शादी का झांसा देकर उसे शांत रहने को मजबूर कर दिया, जिसके बाद सहमी छात्रा अपने गांव लौट आई।

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    अपहरण के बाद रचा शादी का ढोंग और तहले नदी पुल के पास सामूहिक दुष्कर्म

    आरोपियों का दुस्साहस 4 अप्रैल को चरम पर पहुंच गया, जब छात्रा के माता-पिता घर पर नहीं थे। आरोपी राहुल अपने बहनोई आलोक चौधरी के साथ छात्रा के घर में घुसा और हथियार के बल पर उसे अगवा कर पलामू जिले के रेहला थाना क्षेत्र स्थित सिगसिगी गांव के लोहरदगा टोला ले गया।

    वहां राहुल की बहन पूजा देवी और बहनोई की मौजूदगी में मांग भरकर शादी का ढोंग रचा गया। इसके बाद जब आरोपी राहुल और आलोक पीड़िता को मोटरसाइकिल पर बैठाकर वापस ले जा रहे थे, तो रास्ते में तहले नदी के पुल के नीचे ले जाकर दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

    पुलिसिया कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, 3 दिन थाने में रखकर तोड़ा मोबाइल

    दरिंदगी के बाद आरोपी जब पीड़िता को उसके गांव छोड़कर भागने लगे, तो ग्रामीणों ने राहुल को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी, जबकि उसका बहनोई आलोक मौके से फरार हो गया। इसके बाद डंडा थाना पुलिस की ऐसी शर्मनाक कार्यप्रणाली सामने आई, जिसने खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया।

    पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने उसे तीन दिनों तक थाने में बिठाकर रखा, उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया और बयान बदलकर चार साल पुराना प्रेम प्रसंग बताने का दबाव बनाया गया। हद तो तब हो गई जब पुलिस ने आरोपी राहुल को थाने से छोड़ दिया और पीड़िता को गढ़वा आश्रय गृह भेज दिया।

    डीएलएसए के हस्तक्षेप से दर्ज हुई FIR, अब भी मिल रही धमकियां

    बताते हैं कि गढ़वा आश्रय गृह में पीएलवी से मुलाकात के बाद पीड़िता ने 10 अप्रैल को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) गढ़वा की सचिव को आवेदन देकर आपबीती सुनाई।

    डीएलएसए की पहल के बाद 14 अप्रैल को डंडा थाना में (कांड संख्या 9/2026) प्राथमिकी दर्ज हुई और 15 अप्रैल को पीड़िता का मेडिकल कराया गया। बावजूद इसके, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय ढिलाई बरती।

    अदालत के सख्त रुख के बाद आखिरकार 22 जुलाई को पुलिस ने आरोपी राहुल चौधरी के घर पर इश्तहार चिपकाने की औपचारिकता पूरी की। चार महीने बीत जाने के बाद भी दरिंदे खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़िता एवं उसके परिवार को केस वापस लेने के लिए लगातार धमकियां दे रहे हैं।

    पीड़िता ने डीजीपी समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है।

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