यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maiya Samman Yojana: मंइयां सम्मान योजना पर रोक लगाने से हाई कोर्ट का इनकार, हेमंत बोले- हार गया तानाशाह
झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) ने मंइयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। मुख्यमंत्र ...और पढ़ें

HighLights
- मंइयां सम्मान योजना पर रोक लगाने की याचिका खारिज
- हाई कोर्ट में याचिका निष्पादित, हेमंत सोरेन ने जताई खुशी
- हेमंत सोरेन ने कहा- तानाशाह हार गया, लेकिन लड़ाई जारी है
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाई कोर्ट (Jharkhand High Court) के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ में मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने इस योजना पर रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिका को निष्पादित कर दिया। इस संबंध में सिमडेगा निवासी विष्णु साहू ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
याचिका में कहा गया था कि एक दो माह में झारखंड विधानसभा चुनाव (Jharkhand Assembly Election 2024) होना है। सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश के अनुसार, राज्य सरकार किसी व्यक्ति विशेष को सीधे एकाउंट के माध्यम से पैसे नहीं दे सकती है, क्योंकि जनता के टैक्स के पैसे से ही सरकार चलती है।
'सीधे खाते में पैसा देना उचित नहीं'
याचिका में यह भी कहा गया कि सरकार का काम पैसे को उस योजना में लगाना होता है जिससे जनता का फायदा हो। किसी को सीधे खाते में पैसा देना उचित नहीं है।
उनकी ओर से यह भी कहा गया है कि चार माह से वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन जैसी पेंशन की योजनाएं नहीं चल रही हैं। विधानसभा चुनाव में वोटरों को प्रभावित करने के लिए यह योजना शुरू की गई है। सुनवाई के बाद अदालत ने प्रार्थी की दलील को अस्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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राज्य की मंइयां की जीत हुई: हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार ने हाल ही में मंइयां सम्मान योजना (Maiya Samman Yojana) की शुरुआत की थी। इस योजना के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका के खारिज होने के बाद हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने एक्स पर पोस्ट किया है। पोस्ट पर लिखा कि राज्य की मंइयां जीत गई। तानाशाह हार गया, लेकिन लड़ाई जारी है। मंइयां के खिलाफ अब ये सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, लेकिन मैं आपका भाई, आपका बेटा वहां भी इन्हें हराएगा।
इसी मामले को लेकर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को इंटरनेट मीडिया पर तंज कसा। उनकी ओर से एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा गया कि एक तरफ हमने मंइयां के चार किस्तें 57 लाख बहनों के खातों में भेज दी है। वहीं, भाजपा मंइयां सम्मान बंद करवाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। अजब बेशर्मी है।