बरसाती बीमारियों को लेकर झारखंड सरकार अलर्ट, मंत्री इरफान अंसारी ने 108 एंबुलेंस और अस्पतालों को दिए खास निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मानसून में फैलने वाली संक्रामक और मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी सिविल सर्जनों ...और पढ़ें

स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जनों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। जागरण
HighLights
स्वास्थ्य मंत्री ने सिविल सर्जनों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।
अस्पताल 24x7 पूरी क्षमता से संचालित हों, लापरवाही न हो।
राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मानसून के दौरान फैलने वाली संक्रामक एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर सभी सिविल सर्जनों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं।
इन बीमारियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारी के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी जिले में इलाज में लापरवाही, दवाओं की कमी, स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति अथवा स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने कहा है कि बरसात का मौसम संक्रामक एवं मौसमी बीमारियों का सबसे संवेदनशील समय होता है। इस दौरान मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हैजा, डायरिया, टाइफाइड, वायरल फीवर आदि के अलावा सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। इसलिए सभी जिलों को पहले से पूरी तैयारी के साथ कार्य करना होगा ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र 24 गुना सात व्यवस्था के तहत पूरी क्षमता के साथ संचालित रहें। प्रत्येक अस्पताल में पर्याप्त संख्या में चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम, जीएनएम, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि राज्य में 108 एंबुलेंस सेवा हर परिस्थिति में निर्बाध रूप से संचालित रहे। जब तक नई एजेंसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी सिविल सर्जन सरकारी एंबुलेंस सेवाओं की सीधे निगरानी करेंगे ताकि किसी भी मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कोई परेशानी न हो।
गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, बच्चों, बुजुर्गों तथा गंभीर मरीजों की विशेष निगरानी की जाए। यदि किसी अस्पताल में मरीज का समुचित उपचार संभव नहीं हो तो उसे बिना विलंब उच्च संस्थान में रेफर किया जाए तथा परिजनों को पूरी जानकारी देकर विश्वास में लिया जाए।
बच्चों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उनके अनुसार, बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में मासूम बच्चे बुखार, डायरिया, निमोनिया, वायरल संक्रमण, मलेरिया तथा अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंचते हैं। इसलिए सभी अस्पताल प्रबंधन यह सुनिश्चित करें कि पेडियाट्रिक वार्ड, एसएनसीयू, एनबीएसयू तथा आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह सक्रिय रहें।
बच्चों के उपचार के लिए आवश्यक सभी दवाइयां ओआरएस, जिंक, एंटीबायोटिक्स, एंटीपायरेटिक्स, नेबुलाइजेशन की दवाइयां, आक्सीजन, डेंगू एवं मलेरिया जांच किट, आवश्यक वैक्सीन एवं अन्य जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण हर समय उपलब्ध रहे।
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