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    झारखंड में नई शराब नीति: नहीं होगा दुकानों का बंदोबस्त तो सरकार खुद करेगी संचालन

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 03:30 PM (GMT+05:30)

    झारखंड उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने शराब की खुदरा बिक्री नियमावली 2025 में संशोधन किया है। अब बंदोबस्त न होने वाली दुकानों का राजस्व भार अन्य दुकानो ...और पढ़ें

    झारखंड शराब नीति में बड़ा बदलाव: खुदरा दुकानों के संचालन और राजस्व नियमों में संशोधन।

    झारखंड शराब नीति में बड़ा बदलाव: खुदरा दुकानों के संचालन और राजस्व नियमों में संशोधन।

    HighLights

    1. बंदोबस्त न होने वाली दुकानों का राजस्व भार नहीं।

    2. जेएसबीसीएल करेगा खाली शराब दुकानों का संचालन।

    3. राजस्व भुगतान अब ऑनलाइन, ई-बैंक गारंटी मान्य।

    दिलीप कुमार, रांची। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 31 मई 2025 को अधिसूचित झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) नियमावली 2025 में संशोधन किया है।

    26 मार्च को इस संशोधित नियमावली को झारखंड उत्पाद (मदिरा की खुदरा बिक्री हेतु दुकानों की बंदोबस्ती एवं संचालन) संशोधित नियमावली 2026 के रूप में अधिसूचित किया गया है।

    इसके तहत चार नए संशोधन किए गए हैं, जिसे खुदरा दुकानदारों के हित में बताया जा रहा है। अब बंदोबस्त नहीं होने वाली दुकानों का राजस्व भार शेष दुकानों पर नहीं पड़ेगा। उसके लिए अधिकतम दो बार लाटरी से बंदोबस्ती का प्रयास होगा।

    बंदोबस्ती नहीं होने की स्थिति में झारखंड राज्य बेवरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) उन दुकानों का संचालन स्वयं करेगा जैसे पूर्व में करता था। निजी हाथों से शराब की खुदरा बिक्री संबंधित 31 मई 2025 की नियमावली में था कि अगर 95 प्रतिशत से कम दुकानों की बंदोबस्ती होती है तो शेष दुकानों की बंदोबस्ती नहीं होगी।

    उदाहरण के लिए यदि किसी जिले का वार्षिक उत्पाद राजस्व 100 करोड़ है और केवल 87 करोड़ रुपये की दुकानें ही बंदोबस्त होती है तो शेष दुकानों की बंदोबस्ती नहीं होगी।

    कुल राजस्व लक्ष्य का केवल दस प्रतिशत शेष दुकानों पर समानुपातिक तरीके से वितरित किया जाना था। नई संशोधित नियमावली में इसे हटा दिया गया है।

    राजस्व लक्ष्य में प्रत्येक वर्ष होगी दस प्रतिशत की वृद्धि

    प्रत्येक वित्तीय वर्ष में राजस्व लक्ष्य में दस प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। नई नियमावली में इसे शामिल किया गया है। इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व लक्ष्य 3937.73 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य था।

    अब एक अप्रैल से शुरू होने जा रही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व लक्ष्य 4331.50 करोड़ का राजस्व लक्ष्य दिया गया है। वर्तमान में 4211.67 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के लिए दुकानों की बंदोबस्ती हो चुकी है। शेष 119.83 करोड़ रुपये के राजस्व लक्ष्य के लिए दुकानों की बंदोबस्ती होनी शेष है।

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    एनएसई सिस्टम बंद, आनलाइन भुगतान को मान्यता

    अब नई व्यवस्था के तहत राजस्व भुगतान आनलाइन माध्यम से होनी है। खुदरा दुकानदारों को वार्षिक राजस्व लक्ष्य का पांच प्रतिशत आनलाइन विधि से जमा करना होगा। एनएसइ से भुगतान नहीं होगा।

    पूर्व में फर्जी बैंक गारंटी का मामला सामने आने के बाद ऐहतियात के तौर पर एनएसई सिस्टम को भी बंद किया गया है। विभाग को शक है कि एनएसई में भी फर्जीवाड़ा हो सकता है।

    बैंक गारंटी के बदले ई-बैंक गारंटी जिले की अनुसूचित व्यवसायिक बैंक से जमा करने होंगे। ई-बैंक गारंटी की मान्यता 30 सितंबर 2030 तक होगी। ई-बैंक गारंटी जमा करने पर जमानत की राशि को विभाग वापस कर देगा।

    आठ जिलों में 32 दुकानों की नहीं हो सकी बंदोबस्ती, जारी है प्रक्रिया

    एक अप्रैल से शुरू हो रही वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आठ जिलों की 32 दुकानें सरेंडर हुईं थीं। उनकी बंदोबस्ती के लिए विभाग में प्रक्रिया चल रही है।

    इन जिलों में रांची में तीन, खूंटी में दो, पूर्वी सिंहभूम में चार, सरायकेला-खरसांवा में चार, गढ़वा में पांच, हजारीबाग में दो, कोडरमा में दो व धनबाद में दस दुकानें शामिल हैं। इन दुकानों की फिर से बंदोबस्ती के लिए प्रकिया जारी है।

    सूचना है कि इनमें से भी कुछ दुकानों की बंदोबस्ती अंतिम चरण में है। अगर ये दुकानें नहीं लगीं तो उनका संचालन जेएसबीसीएल करेगा। राज्य में शराब की कुल 560 दुकान समूह के अधीन कुल 1343 खुदरा दुकानें हैं।

    इनमें से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 545 दुकान समूह के अधीन 1311 दुकानें बंदोबस्त हो चुकी हैं। सिर्फ 15 दुकान समूह के अधीन 32 दुकानों की बंदोबस्ती का प्रयास चल रहा है।

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