'शीशमहल' विवाद दिल्ली से पहुंचा झारखंड! भाजपा ने CM आवास पर 67 करोड़ खर्च पर उठाया सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने झारखंड के नए मुख्यमंत्री आवास निर्माण को फिजूलखर्ची बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें करोड़ों के फव्वारे, गार्डन और ...और पढ़ें

झारखंड में अब नए सीएम आवास पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने है।
HighLights
भाजपा ने नए CM आवास को 67 करोड़ की फिजूलखर्ची बताया।
आवास में विदेशी टाइल्स, फव्वारे और आधुनिक सुविधाएं होंगी।
कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक आवश्यकता, सुरक्षा मानकों से जुड़ा बताया।
राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा है कि राज्य में गरीब लोगों के पास रहने को घर नहीं है, जबकि सरकार मुख्यमंत्री के लिए 67 करोड़ का नया आवास बना रही है।
इससे पहले जेएलकेएम सुप्रीमो व डुमरी विधायक जयराम महतो इसे शीशमहल बताते हुए सवाल उठा चुके हैं। वहीं कांग्रेस इसका बचाव करते हुए भाजपा पर ही आरोप लगा रही है।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर साहू ने कहा कि नए बनने वाले आवास में टेंडर 67 करोड़ का है। लेकिन इसका निर्माण पूरा होते होते 100 करोड़ खर्च होंगे। आदित्य साहू ने कहा कि यह झारखंड के आदिवासी मूलवासी जनता की गाढ़ी कमाई की फिजूल खर्ची है।
नए बनने वाले मुख्यमंत्री आवास का टेंडर दो अप्रैल को वेबसाइट पर अपलोड होगा। 29 अप्रैल टेंडर जमा करने की आखिरी तिथि होगी। 30 अप्रैल को टेंडर खुलेगा और आठ अप्रैल को प्री बीड बैठक होगी।
साहू ने कहा कि आवास में दो करोड़ का फव्वारा, ढाई करोड़ का गार्डन बनेगा। मुख्य बैठकखाने में शीशे का आलीशान ड्राइंग रूम होगा, जिसका शीशा विदेश से मंगाया जा रहा है। भवन में लगाए जाने वाला टाइल्स इटली से मंगाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त भवन में आधुनिक जकूजी, सोना बाथ और मसाज रूम पर भी करोड़ों रुपए खर्च किए जाएंगे। भाजपा कार्यकर्ता इसके विरोध में प्रदर्शन करेंगे और जनता को इसकी जानकारी देंगे।
स्वयं खर्च करें तो विकास और दूसरे करें तो फिजूलखर्ची: कांग्रेस
नए मुख्यमंत्री आवास के निर्माण को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि उनके बयान से भाजपा को दोहरा चरित्र दिख रहा है।
जब उनकी सरकारें सत्ता में होती हैं, तब बड़ी परियोजनाओं को विकास का प्रतीक बताया जाता है, लेकिन विपक्ष में आते ही उसी काम को फिजूलखर्ची बताते हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास का निर्माण कोई व्यक्तिगत विलासिता का विषय नहीं, बल्कि प्रशासनिक जरूरतों और सुरक्षा मानकों से जुड़ा हुआ मामला है।
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राज्य के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति के लिए एक व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस आवास आवश्यक होता है, ताकि शासन-प्रशासन सुचारू रूप से चल सके। असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बातें की जा रही हैं।
महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य, गैस सिलिंडर की कमी आदि पर भाजपा के नेता कुछ नहीं बोलते। कांग्रेस का कहना है कि यदि भाजपा वास्तव में जनहित के प्रति गंभीर है तो उसे रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए, न कि हर विकास कार्य में बाधा डालने का प्रयास करना चाहिए।
सिन्हा ने आरोप लगाया कि भाजपा शासनकाल में कई ऐसे निर्माण कार्य हुए जिनकी लागत और पारदर्शिता पर सवाल उठे, लेकिन तब उन्होंने कभी आत्ममंथन नहीं किया।
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