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न्यायालय की फटकार से चलती है झारखंड सरकार, भाजपा के आरोप को कांग्रेस ने बताया अनर्गल प्रलाप

Published: Thu, 26 Mar 2026 01:18 PM (IST)

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि झारखंड सरकार न्यायालयों की फटकार के बाद ही सक्रिय होती है, जिससे ...और पढ़ें

झारखंड में लंबित निर्णयों पर कोर्ट की फटकार पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने।

झारखंड में लंबित निर्णयों पर कोर्ट की फटकार पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने।

HighLights

  1. भाजपा ने राज्य सरकार पर कोर्ट की फटकार से चलने का आरोप लगाया।

  2. कांग्रेस ने आरोपों को खारिज कर जनता के जनादेश का हवाला दिया।

  3. निकाय चुनाव और पंचायत सचिव नियुक्ति में देरी का मुद्दा उठा।

राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया है कि झारखंड में शासन व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। सरकार अब अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन स्वयं नहीं कर रही, बल्कि न्यायालयों की फटकार के बाद ही हरकत में आती है।

सरकार का पूरा कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि यह सरकार फटकार आधारित शासन चला रही है। जब तक उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय कड़ी टिप्पणी नहीं करता, तब तक सरकार महत्वपूर्ण निर्णयों को टालती रहती है।

राज्य में निकाय चुनाव वर्षों तक लंबित रखे गए लेकिन उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद ही चुनाव कराए गए। पंचायत सचिव अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी लंबे समय तक अटकी रही, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही सरकार को प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी।

सूचना आयुक्तों और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों को भरने में भी सरकार पूरी तरह विफल रही। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद ही चयन समिति की बैठक की तिथि तय की गई।

अनर्गल प्रलाप कर रही भाजपा

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव के बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपनी हार और हताशा को छिपाने के लिए अनर्गल प्रलाप कर रही है।

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार फटकार से नहीं, बल्कि झारखंड की साढ़े तीन करोड़ जनता के जनादेश और भरोसे से चल रही है। भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए किशोर ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और न्यायपालिका एक-दूसरे के पूरक हैं।

किसी भी संवेदनशील मुद्दे पर न्यायालय के सुझावों या निर्देशों का पालन करना संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे भाजपा फटकार बताकर न्यायपालिका और सरकार दोनों का अपमान कर रही है।

उन्होंने पूछा, भाजपा बताए कि क्या अबुआ आवास, सर्वजन पेंशन और मंइयां सम्मान योजना जैसे ऐतिहासिक फैसले क्या न्यायालय के कहने पर लिए गए हैं। भाजपा को केंद्र सरकार से झारखंड के हिस्से के 1.36 लाख रुपये दिलाने में मदद करना चाहिए।

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