झारखंड शराब घोटाला: निलंबित IAS विनय चौबे की जमानत पर बाबूलाल ने ACB पर उठाए गंभीर सवाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड शराब घोटाले में निलंबित IAS विनय चौबे को मिली डिफॉल्ट जमानत पर ACB की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आरो ...और पढ़ें

नेता प्रतिपक्ष ने एसीबी की जांच को बताया घोटाले को छिपाने का जरिया।
HighLights
ACB की विफलता से विनय चौबे को डिफॉल्ट बेल मिली।
बाबूलाल ने ACB पर घोटाले छिपाने का आरोप लगाया।
सरकार पर 'सर्कस' चलाने का तंज कसा गया।
राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शराब घोटाले में आरोपित आइएएस विनय चौबे की जमानत पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बाबूलाल ने डिफाॅल्ट बेल को शर्मनाक बताया है। हालांकि अभी चौबे अन्य आरोपों में जेल में ही रहेंगे
प्रेस वक्तव्य जारी कर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि शराब घोटाले के बाद एसीबी आय से अधिक संपत्ति मामले में जेल में बंद आइएएस अधिकारी विनय चौबे पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई। एसीबी ने उनके पूरे परिवार की संपत्ति खंगाल ली।
खबरों में देखा गया कि अवैध रूप से अर्जित नामी बेनामी संपत्ति के तथ्य भी सामने आए। शराब घोटाला में विनय चौबे के स्पष्ट भूमिका भी लोगों के सामने आई।
कई अधिकारियों ने उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही भी दी, इसके बावजूद एसीबी विनय चौबे के खिलाफ समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई और डिफाॅल्ट बेल मिल गया।
सरकार चला रहे हैं या सर्कस: बाबूलाल
इससे स्पष्ट है कि एसीबी का इस्तेमाल सिर्फ लोगों को जेल में रखने, भयादोहन करने, उगाही करने और शराब घोटाले के सबूतों को नष्ट करने में हो रहा है। बाबूलाल ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर भी राज्य सरकार पर निशान साधा है।
नेता प्रतिपक्ष ने एक्स पर लिखा- ''आप ये सरकार चला रहे हैं या सर्कस? जिस दिन विनय चौबे की गिरफ्तारी हुई थी, उसी दिन मैंने कहा था कि यह गिरफ्तारी सजा देने के लिए नहीं, बल्कि बड़ी मछलियों को सजा से बचाने के लिए हुई है। पिछले 10-11 महीनों से एसीबी कार्रवाई करने का दिखावा कर ईडी और सीबीआई की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है।''