'बड़े भाई की तरह थे, हमेशा साथ रहेगी सीख'; झारखंड में मंत्री सुदिव्य कुमार की मौत पर CM ने जताया दुख
झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का शनिवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ...और पढ़ें
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सुदिव्य कुमार। फाइल फोटो
HighLights
झारखंड के उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार का हार्ट अटैक से निधन।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सुदिव्य कुमार के निधन पर जताया गहरा शोक।
शिक्षा विभाग के तीसरे मंत्री का तीन साल में कार्यकाल में निधन।
जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड के कैबिने मंत्री और JMM के कद्दावर नेता सुदिव्य कुमार का रविवार सुबह 3-4 बजे के करीब निधन हो गया। उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई।
मंत्री की मौत पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई नेताओं ने शोक जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर CM ने लिखा, "देर रात अपने बड़े भाई सुदिव्य कुमार सोनू जी के निधन का दुःखद समाचार मिला। इस खबर को स्वीकार कर पाना मेरे लिए बेहद कठिन है। सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं।"
सीएम ने लिखा कि सोनू भैया सिर्फ एक वरिष्ठ साथी या राजनीतिक सहकर्मी नहीं थे, बल्कि स्नेह देने वाले, मार्गदर्शन करने वाले और हर कठिन समय में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले बड़े भाई की तरह थे। उनके साथ बिताए पल और उनसे मिली सीख हमेशा साथ रहेंगी।
हेमंत ने कहा कि झारखंड आंदोलन के दौर से ही Sudivya Kumar ने दिशोम गुरुजी के साथ पूरी निष्ठा और मजबूती से खड़े रहे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के एक समर्पित सिपाही के रूप में उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड की अस्मिता, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई को समर्पित किया। झारखंडियत के प्रति उनका समर्पण और उनकी जुझारू भावना हमेशा याद की जाएगी।
आज उन्हें याद करते हुए मन बार-बार यही सोचता है कि जिंदगी कितनी क्षणभंगुर है। कल तक जो आवाज हमारे बीच थी, आज वह सिर्फ स्मृतियों में रह गई है। सोनू भैया, आपका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। आपकी कमी हमेशा महसूस होगी। आपके स्नेह, आपके संघर्ष और झारखंड के लिए आपकी प्रतिबद्धता को मैं जीवनभर अपने साथ लेकर चलूंगा। -हेमंत सोरेन, मुख्यमंत्री
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय का शोक संदेश
मंत्री ने कहा कि सुबह से बहुत ही पीड़ादायक खबर के साथ हम उठे हैं। यह झारखंड के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह बहुत जानकार नेता थे और समय पड़ने पर कड़े निर्णय लेने वाले नेता थे। उन्होंने संघर्ष से ये मुकाम हासिल किया था। आज विश्वास नहीं हो रहा है कि ऐसी घटना हुई।
मंत्री ने बताया कि सुदिव्य कुमार ने हाल ही में चर्चा की थी कि उन्हें अपने बेटे की शादी करनी है। अचानक से उनके जाने से कई काम अधूरे रह गए हैं। कोशिश करेंगे कि उनके अधूरे कामों को पूरा करें।
तीन साल में तीसरी दुखद खबर
शिक्षा विभाग से जुड़े पद पर रहते किसी मंत्री की मौत का राज्य में तीसरा मामला है। इससे पहले झारखंड में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगन्नाथ महतो और रामदास सोरेन का निधन कार्यकाल के दौरान हुआ था।
जगन्नाथ महतो का 6 अप्रैल 2023 को निधन हुआ था। वह लंबे समय तक स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रहे। कोरोना संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के बाद उनका इलाज चल रहा था।
इसके बाद स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन का 15 अगस्त 2025 को निधन हुआ था। दिल्ली में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी।
अचानक बिगड़ी तबीयत
बताया जा रहा है कि जब सुदिव्य कुमार की तबीयत बिगड़ी तब वह गिरिडीह स्थित अपने आवास पर ही थे। परिजन उन्हें तत्काल गिरिडीह के स्थानीय मर्सी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों के काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें नहीं बचाया जा सका।
गिरिडीह से चुने गए थे विधायक
सुदिव्य कुमार सोनू वर्तमान में गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उन्होंने 2019 में पहली बार गिरिडीह सदर सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में दूसरी बार जीत दर्ज की और हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।
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मंत्री ने कहा कि सुबह से बहुत ही पीड़ादायक खबर के साथ हम उठे हैं। यह झारखंड के लिए बहुत बड़ी क्षति है। वह बहुत जानकार नेता थे और समय पड़ने पर कड़े निर्णय लेने वाले नेता थे। उन्होंने संघर्ष से ये मुकाम हासिल किया था। आज विश्वास नहीं हो रहा है कि ऐसी घटना हुई।
मंत्री ने बताया कि सुदिव्य कुमार ने हाल ही में चर्चा की थी कि उन्हें अपने बेटे की शादी करनी है। अचानक से उनके जाने से कई काम अधूरे रह गए हैं। को
सीपीआरओ सरस्वती चन्द्र ने बताया कि ट्रेन 7:23 बजे अपने गन्तव्य की ओर रवाना कर दी गई है।
