यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: क्या विधानसभा की मतदाता सूची पर कराया जाएगा निकाय चुनाव? सामने आया हाईकोर्ट का जवाब
लंबित निकाय चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि झारखंड सहित अन्य चार राज्यों म ...और पढ़ें

HighLights
- शहरी निकाय चुनाव नहीं कराए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर हुई सुनवाई
- हाईकोर्ट में दाखिल अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई 7 फरवरी को
राज्य ब्यूरो,रांची। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की पीठ में राज्य में शहरी निकाय चुनाव नहीं कराए जाने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इस दौरान चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि झारखंड सहित अन्य चार राज्यों में नवंबर 2024 में संशोधित मतदाता सूची के जरिए विधानसभा चुनाव कराए गए हैं। राज्य सरकार नगर निकाय का चुनाव भी इस मतदाता सूची के आधार पर करा सकती है।
विधानसभा की मतदाता सूची पर हो सकते हैं चुनाव
- इस पर कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि फिर राज्य सरकार को इस मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने में क्या दिक्कत है।
- चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि उनकी ओर से जो बातें कोर्ट के समक्ष रखी गई हैं, उसका शपथ पत्र भी तैयार है। अगली तिथि के पहले शपथ पत्र दाखिल कर दिया जाएगा।
- इस पर अदालत ने आयोग को शपथ पत्र के माध्यम से सभी तथ्य दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई सात फरवरी को होगी।
इसके पूर्व राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से बताया गया कि उसे अभी तक अद्यतन मतदाता सूची नहीं मिली है। इस कारण चुनाव की तैयारी में समस्या हो सकती है।
इस पर चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि विधानसभा चुनाव के दौरान उपयोग में लाई गई मतदाता सूची निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है।
पूर्व पार्षद ने दायर की याचिका
बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद भी नगर निकायों का चुनाव नहीं कराए जाने के पर पूर्व पार्षद रोशनी खलखो और अन्य की ओर से अवमानना याचिका दाखिल की गई है।
पूर्व में इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से कहा था कि वह चार माह में नगर निकायों का चुनाव करा लेगी। इसके लिए उसे चुनाव आयोग से अपडेट मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाए।
5 जनवरी को जारी होती है अपडेट मतदाता सूची
चुनाव आयोग हर साल पांच जनवरी को अपडेट मतदाता सूची जारी करता है, लेकिन इस बार अभी तक यह सूची नहीं मिली है। इस पर कोर्ट ने केंद्रीय चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।
4 महीने में चुनाव कराने के निर्देश
इससे पहले इस मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को 4 महीने में निकाय चुनाव कराने का आदेश दिया था। साथ ही निर्वाचन आयोग को एक सप्ताह में संशोधित मतदाता सूची जारी करने के लिए कहा था।