यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: दलीय आधार पर निकाय चुनाव कराने का हेमंत सरकार पर दवाब, BJP और कांग्रेस भी आई साथ
झारखंड में लंबे समय से लंबित निकाय चुनाव दलीय आधार पर हो सकते हैं। झामुमो बीजेपी और कांग्रेस सभी राजनीतिक दल इसके समर्थन में हैं। देश के कई राज्यों मे ...और पढ़ें

HighLights
- नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने का सरकार पर दबाव
- सभी प्रमुख दल इसके पक्षधर, सहमति बनी तो हो सकता है विचार
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में जल्द ही नगर निकाय के चुनाव होंगे। पहले भी नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर किए जाने की वकालत होती रही है। चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही एक बार फिर इसे लेकर दवाब शुरू हो गया है। सभी प्रमुख दल इसके पक्षधर भी हैं, सहमति बनी तो इस दिशा में निर्णय हो सकता है।
झामुमो सहमत
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) को भी दलीय चुनाव कराने को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य के मुताबिक पूर्व में भी जब नगर निकाय के चुनाव हुए थे तो झामुमो ने इसे दलीय आधार पर कराने की वकालत की थी, लेकिन उस समय अर्जुन मुंडा की सरकार ने इसे नहीं माना। अगर सभी दल इसपर सहमत हैं तो चुनाव दलीय आधार पर कराए जा सकते हैं।
एक सर्वदलीय शिष्टमंडल इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर चुनाव आयोग से मिले। अभी सिर्फ मेयर का चुनाव ही दलीय आधार पर होता है। चुनाव आयोग ही इ सपर निर्णय ले सकती है। उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने राज्य में चार माह के भीतर निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस, वामदल भी हैं समर्थन में
नगर निकाय चुनाव दलीय आधार कराने को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी कांग्रेस भी आगे आई है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने इसपर अपनी स्पष्ट राय दी है। भाकपा ने भी इसकी वकालत की है।
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पार्टी नेता अजय सिंह के मुताबिक आरंभ से इसके पक्ष में है। देश के कई राज्यों में इसका प्रावधान भी है। जब अन्य राज्यों में ऐसा हो रहा है तो झारखंड में भी इसपर सभी दलों को विचार करना चाहिए।
भाजपा को उम्मीद, हो सकता है निर्णय
- भाजपा ने भी दलीय आधार पर निकाय चुनाव कराने पर जोर दिया है। प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा के मुताबिक शहरों में उनका संगठन काफी मजबूत है।
- पार्टी का मानना है कि दलीय आधार पर नगर निकायों के चुनाव कराए जाए। पार्टी को उम्मीद है कि सभी दल अगर इसके पक्ष में हैं तो निर्णय हो सकता है।
हाईकोर्ट ने 4 महीने में चुनाव कराने का दिया आदेश
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की पीठ में नगर निकाय चुनाव नहीं कराए जाने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया था कि 4 महीने में निकाय चुनाव कराए जाएं।
विधानसभा की मतदाता सूची पर चुनाव होने की संभावना
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने अदालत को बताया कि झारखंड सहित अन्य चार राज्यों में नवंबर 2024 में संशोधित मतदाता सूची के जरिए विधानसभा चुनाव कराए गए हैं।
राज्य सरकार नगर निकाय का चुनाव भी इस मतदाता सूची के आधार पर करा सकती है। चुनाव आयोग की दलील के बाद कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि फिर राज्य सरकार को इस मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने में क्या दिक्कत है। ऐसे में अनुमान जताया जा रहा है कि विधानसभा की मतदाता सूची पर ही निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं।