NCRB Report: झारखंड में 18 से 30 साल के युवाओं की सबसे ज्यादा हत्या, डायन और ऑनर किलिंग के मामले बढ़े
एनसीआरबी की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड में हत्याओं की संख्या में कमी आई है, लेकिन 18 से 30 वर्ष के युवा सर्वाधिक शिकार हो रहे हैं। व्यक्तिगत दु ...और पढ़ें

झारखंड में घट रही हत्याएं, पर युवा वर्ग सर्वाधिक प्रभावित: एनसीआरबी रिपोर्ट 2024।
HighLights
हत्याओं में कमी, 2022 की तुलना में 2024 में 75 कम।
18-30 वर्ष के युवा सर्वाधिक शिकार, व्यक्तिगत दुश्मनी मुख्य कारण।
जमीन, पारिवारिक विवाद, डायन प्रथा भी हत्याओं के कारण।
राज्य ब्यूरो, रांची। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने वर्ष 2024 के अपराध का आंकड़ा जारी किया है। जारी आंकड़े के अनुसार झारखंड में हत्याएं कम हो रही हैं। वर्ष 2022 में राज्य में जहां 1550 हत्याएं रिकार्ड की गईं, वहीं वर्ष 2023 में 1467 व वर्ष 2024 में 1472 हत्याएं रिकार्ड हुई हैं। यानी 2022 की तुलना में वर्ष 2024 में 75 हत्याएं कम रिकार्ड हुईं हैं।
हत्याएं सर्वाधिक 18 से 30 उम्र वर्ग वालों की हो रही हैं। हत्याओं का कारण भी व्यक्तिगत है। युवा वर्ग में सहनशीलता कम होने के चलते दुश्मनी बढ़ती है और यही कारण है कि युवा वर्ग की हत्याएं अधिक हो रही हैं।
वर्ष 2024 में झारखंड में 18 वर्ष से 30 वर्ष के 572 पुरुष व 196 महिलाओं की हत्या हुई है। वहीं, इस वर्श 30 वर्ष से 45 वर्ष वाले 135 पुरुष व 33 महिलाओं की हत्या हुई। छह साल से नीचे के दो लड़के, छह साल से 12 साल उम्र वर्ग में पांच लड़कियां व 16 से 18 उम्र वर्ग में एक लड़का व एक लड़की की हत्या रिकार्ड हुई है।
जमीन विवाद में 99 व पारिवारिक विवाद में हुई है 44 हत्याएं
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में कुल 1472 हत्याएं हुईं हैं। इनमें जमीन विवाद में 99 व पारिवारिक विवाद में 44 हत्याएं हुईं हैं। इसी तरह धन संबंधित विवाद में 47, दुर्घटना संबंधित विवाद में 15, व्यक्तिगत दुश्मनी में 294 लोगों की हत्या हुई है।
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डायन करार देकर पांच महिलाओं की हत्या की गई है। इस वर्ष संपत्ति हड़पने को लेकर 720 लोग मारे गए हैं। आनर किलिंग में भी पांच लोग मारे गए हैं, जबकि प्रेम प्रसंग में 33 व अवैध संबंध में नौ हत्याएं हुईं हैं।