यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: ED और CBI को हाईकोर्ट का नोटिस, पलामू में अवैध खनन का है मामला
Palamu Illegal Mining पलामू प्रमंडल में अवैध खनन मामले की जांच को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डा बीआर सारंगी व जस्ट ...और पढ़ें

HighLights
- पंकज कुमार यादव की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है
- याचिका में पलामू प्रमंडल में अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग
- खनन माफिया को सरकार का संरक्षण प्राप्त है: याचिकाकर्ता
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डा बीआर सारंगी व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में पलामू प्रमंडल में अवैध खनन मामले की जांच को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सीबीआइ और ईडी को नोटिस जारी किया है।
इस संबंध में पंकज कुमार यादव की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि पलामू प्रमंडल में अवैध खनन हो रहा है, जिसपर रोक लगाने की जरूरत है।
पिछले साल बनाई गई थी एसआईटी
सुनवाई के दौरान बताया गया कि पिछले वर्ष मामले में सुनवाई करते हुए अदालत एसआइटी गठन का आदेश दिया था। आईजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एसआइटी बनी थी।
एसआइटी की ओर से हाई कोर्ट को सौंपे रिपोर्ट में पलामू प्रमंडल के विभिन्न स्टोन क्रेशर, कोयला व बालू के उत्खनन में अनियमितता की बात सामने आई थी, लेकिन बड़े स्तर पर हो रहे अवैध खनन को दर्शाया नहीं गया था।
पलामू के छतरपुर, हरिहरगंज, चैनपुर,सतबरवा और गढ़वा के रंका, चिनिया, बिश्रामपुर, लातेहार के महुआडांड़, बालूमाथ,हेरगंज आदि इलाकों में नियमों के विरुद्ध पत्थरों व बालू का अवैध खनन लगातार जारी है।
पंकज यादव के अधिवक्ता राजीव कुमार ने कोर्ट को बताया कि खनन माफिया को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। पलामू प्रमंडल में हो रहे अवैध खनन की जांच सीबीआइ और ईडी से कराया जाए। साहिबगंज में ईडी ने सैटेलाइट के माध्यम से अवैध खनन की जांच की है।
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