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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand: क्या है ऑपरेशन चॉकलेट? झारखंड में पुलिस चला रही स्पेशल अभियान; सामने आई वजह

    Updated: Sun, 02 Feb 2025 06:04 AM (GMT+05:30)

    झारखंड में अफीम की अवैध खेती को रोकने के लिए पुलिस ऑपरेशन चॉकलेट चला रही है। इस अभियान के तहत पुलिस आम लोगों के बीच चॉकलेट बांट रही है। उक्त चॉकलेट के ...और पढ़ें

    झारखंड पुलिस चला रही ऑपरेशन चॉकलेट। (सांकेतिक तस्वीर)
    झारखंड पुलिस चला रही ऑपरेशन चॉकलेट। (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. पुलिस ने चॉकलेट बांटकर लोगों को कर रही जागरूक
    2. चॉकलेट वितरण के साथ लाउड स्पीकर के माध्यम से भी किया जा रहा जागरूक

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड पुलिस ने अब अफीम की खेती को रोकने, इसे विनष्ट करने व इसके दुष्प्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ऑपरेशन चॉकलेट शुरू किया है।

    इस अभियान के तहत पुलिस आम लोगों के बीच चॉकलेट बांट रही है। उक्त चॉकलेट के उपर मादक पदार्थ को रोकने व कार्रवाई संबंधित अधिनियम वाला पंपलेट लपेटा हुआ है।

    चॉकलेट का कवर खोलते ही पहले पंपलेट मिलेगा, जिस पर स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम (नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांस एक्ट) की संक्षिप्त जानकारी दी गई है।

    इस अभियान के तहत खूंटी पुलिस ने शनिवार को खूंटी के मारंगहादा थाना क्षेत्र के मारंगहादा साप्ताहिक बाजार में उक्त चॉकलेट का वितरण किया।

    जिस जगह पर चॉकलेट का वितरण हो रहा था, वहां एक ऑडियो भी बज रहा था। उक्त ऑडियो में अफीम की खेती रोकने, उसके दुष्प्रभाव, उसकी खेती करने पर होने वाली सजा आदि की जानकारी दी जा रही थी।

    क्या लिखा है चॉकलेट पर

    चॉकलेट के उपर पुलिस ने जो पंपलेट लगाया है, उसपर लिखा है कि अफीम की खेती है कानूनन अपराध, संलिप्त पाए जाने पर होगी गिरफ्तारी। पकड़े जाने पर दस वर्ष से आजीवन कारावास की होगी सजा। एनडीपीएस एक्ट के तहत होगी संपत्ति की जब्ती। अफीम की खेती से आपके स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर।

    ऑडियो से भी किया जा रहा जागरूक

    झारखंड पुलिस चॉकलेट वितरण के साथ लाउड स्पीकर के माध्यम से भी लोगों को जागरूक कर रही है कि अफीम की खेती को ना कहें, नशे के खतरे से भविष्य को बचाएं। इसके खिलाफ अभियान में सहयोग करें।

    झारखंड पुलिस आम जनता से अपील करती है कि वे अफीम की खेती के विरुद्ध अभियान में सहयोग करें। अफीम की खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म होती है तथा जलस्रोत दूषित होता है। इससे मानव जीवन व मानव स्वास्थ्य पर गंभीर व प्रतिकुल प्रभाव पड़ता है।

    यदि आपके निजी खेत में अफीम का फसल लगाया गया है तो आप सभी स्वयं नष्ट कर लें। अफीम की खेती करने वालों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट और पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रविधान है।

    अफीम की खेती करने पर आजीवन कारावास की सजा एवं भारी जुर्माना का भी प्रविधान है। अफीम की खेती, परिवहन एवं दुरुपयोग से निपटने के लिए इस गतिविधि में शामिलों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उनकी अर्जित अवैध संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा।

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