यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड में छात्राओं-महिला कर्मी की सुरक्षा होगी सख्त, जल्द जारी होगा गाइडलाइन; शिक्षा विभाग ने मांगा सुझाव
झारखंड के कॉलेजों और विश्विद्यालयों में छात्राओं और महिला कर्मियों की सुरक्षा सख्त हो जाएगी। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन लागू करने का निर्णय लिय ...और पढ़ें

HighLights
- सभी छात्र-छात्राओं व कर्मियों का फोटो पहचान पत्र होगा अनिवार्य
- छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जारी होगी गाइडलाइन, ड्राफ्ट तैयार
- प्रत्येक वर्ष तैयार करनी होगी जेंडर आडिट रिपोर्ट
राज्य ब्यूरो, रांची: राज्य के कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों को छात्राओं एवं महिला कर्मियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य रूप से पर्याप्त महिला सुरक्षा गार्ड रखने होंगे।
मुख्य द्वार पर भी महिला सुरक्षा गार्ड की तैनाती करनी होगी। मुख्य द्वार सहित महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी भी लगाना होगा।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं तथा महिला कर्मियों की सुरक्षा के लिए गाइडलाइन लागू करने का निर्णय लिया है। इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिस पर 30 अक्टूबर तक लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई है।
सभी को फोटो पहचान पत्र लगाना होगा अनिवार्य
प्रस्तावित गाइडलाइन के अनुसार, सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा कर्मियों को फोटो पहचान पत्र दिया जाएगा, जिसे गले में लटकाना अनिवार्य होगा। इससे बाहरी लोगों की पहचान हो सकेगी। मुख्य द्वार पर आगंतुकों का रजिस्ट्रेशन भी अनिवार्य होगा।
कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को प्रत्येक वर्ष जेंडर आडिट रिपोर्ट तैयार करना होगा। इसमें छात्राओं की शिकायतों तथा उनपर की गई कार्रवाई की जानकारी भी होगी।
छात्राओं की सुरक्षा के लिए हैंडबुक होगा तैयार
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदम की भी जानकारी भी इसमें समाहित होगी। कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को छात्राओं की सुरक्षा के लिए हैंडबुक भी तैयार किया जाएगा, जिसे वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
संस्थानों को इमरजेंसी नोटिफिकेशन सिस्टम भी लागू करना होगा ताकि किसी तरह की आपात स्थिति की सूचना ईमेल, टेलीफोन आदि के माध्यम से समय पर दी जा सके।
प्रस्तावित गाडडलाइन में यूजीसी द्वारा निर्देशित उन सभी प्रविधानों को सम्मिलित किया गया है, जिन्हें छात्राओं की सुरक्षा के लिए पूर्व में जारी किए गए हैं। इसमें कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में वीमेंस स्टडी सेंटर की स्थापना भी सम्मिलित है।
साथ ही संस्थानों में डे केयर सेंटर भी स्थापित करने होंगे, जिसमें महिलाकर्मी या कोई छात्रा अपने बच्चे (यदि हो) की देखभाल कर सके। इनके अलावा कई अन्य प्रविधान भी प्रस्तावित गाइडलाइन में किए गए हैं।
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