यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jharkhand News: निलंबित IAS पूजा सिंघल के मामले में दर्ज की गई गवाही, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
IAS Puja Singhal निलंबित आईएएस पूजा सिंघल पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। वह झारखंड की उद्योग सचिव और खान सचिव थीं और झारखंड राज्य खनिज विकास निगम की च ...और पढ़ें

HighLights
- पूजा सिंघल मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी
- लंबन से पहले उनके पास उद्योग सचिव और खान सचिव का प्रभार था
राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand News: मनी लांड्रिंग मामले में आरोपित निलंबित आइएएस पूजा सिंघल से जुड़े मामले में ईडी की ओर से गवाही जारी है। गुरुवार को ईडी के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत में ईडी के उप निदेशक के गुप्ता की गवाही दर्ज की गई। गवाही पूरी होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से गवाह का प्रति-परीक्षण किया गया। गवाह ने जांच के दौरान जो बातें सामने आई थी, उसको अदालत के समक्ष रखा गया।
अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तिथि निर्धारित की है। मामले में ईडी के दो उपनिदेशक सहित 16 से अधिक गवाहों की गवाही दर्ज की जा चुकी है। पूजा सिंघल 25 मई 2022 से जेल में है। इसी मामले में बर्खास्त जूनियर इंजीनियर राम बिनोद कुमार सिन्हा एवं सहायक इंजीनियर शशि प्रकाश भी जेल में है।
कौन हैं निलंबित आईएएस पूजा सिंघल? (IAS Puja Singhal)
पूजा सिंघल झारखंड की निलंबित आईएएस अधिकारी हैं। निलंबन से पहले उनके पास उद्योग सचिव और खान सचिव का प्रभार था। इसके अलावा पूजा सिंघल झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (जेएसएमडीसी ) की चेयरमैन भी थीं। बता दें कि पूजा सिंघल इससे पहले भी बीजेपी की सरकार में कृषि सचिव के पद पर तैनात थीं। पूजा मनरेगा घोटाले के वक्त खूंटी में डीसी पद पर तैनात थीं।
पूजा सिंघल पर क्या थे आरोप
6 मई 2022 को झारखंड की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके करीबी व्यक्तियों के 20 ठिकानों पर ईडी ने छापामारी की थी। पूजा सिंघल के घर से भी कई दस्तावेज और अहम कागजात मिले थे। ईडी की टीम मनरेगा घोटाले के साथ-साथ आइएएस पूजा सिंघल के पूरे कार्यकाल की जांच कर रही है, जिसमें कई जिलों के उपायुक्त के कार्यकाल के वक्त के विवादित मामले भी हैं।