यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NTPC के अधिग्रहण में तीन हजार करोड़ का मुआवजा घोटाला: ईडी ने हाई कोर्ट से कहा- प्रारंभिक जांच शुरू
Jharkhand News हजारीबाग में एनटीपीसी जमीन अधिग्रहण में तीन हजार करोड़ के मुआवजा घोटाला मामले में ईडी जांच शुरू कर सकती है। इस पर हाईकोर्ट में चीफ जस्ट ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, रांची। Jharkhand News: हजारीबाग में एनटीपीसी सहित अन्य परियोजनाओं के लिए लिए भूमि-मुआवजा घोटाले मामले में हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस आनंदा सेन की बेंच में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया कि ईडी ने पीई दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ईडी का यह मानना है कि अब तक मिले सबूतों के आधार पर इसे मनी लॉन्ड्रिंग का मामला माना जा सकता है और इसकी जांच शुरू की जा सकती है। इसके बाद अदालत ने सीबीआई और राज्य सरकार को दो सप्ताह में जवाब देने का आदेश दिया।
इस संबंध में मंटू सोनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि फर्जी कागजात बनाकर सरकारी कर्मचारियों-एनटीपीसी के अधिकारियों और भूमाफियाओं के गठजोड़ से सरकारी गैर मजरुआ खास, गैरमजरूआ आम सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग की जाने वाली पंचायत भवन, मैदान, नदी-तालाब, श्मशान घाट, कब्रिस्तान आदि भूमि का मुआवजा ले लिया गया था।
राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच के बाद राजस्व विभाग ने हजारीबाग डीसी और एनटीपीसी के एमडी को पत्र लिखा था लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नही की गई है। एसआईटी में तीन हजार करोड़ के भूमि-मुआवजा घोटाले का अनुमान लगाते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने का अनुसंशा किया था।