झारखंड पुलिस ने CEIR पोर्टल से खोज निकाले 817 मोबाइल, रांची और सिमडेगा में सबसे ज्यादा बरामदगी
झारखंड पुलिस ने CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग कर 18 जिलों से 817 गुम हुए मोबाइल बरामद किए और उनके वास्तविक धारकों को सौंपे।

झारखंड पुलिस ने से खोज निकाले 817 मोबाइल (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
झारखंड पुलिस ने 817 गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए।
CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग कर मोबाइल ट्रेस किए गए।
रांची और सिमडेगा में सबसे अधिक मोबाइल बरामद हुए।
राज्य ब्यूरो, रांची। गुम हुए, खोए हुए मोबाइल को खोजकर उसे उसके धारकों को सौंपने के प्रति झारखंड पुलिस गंभीर है। इसी क्रम में राज्य के 18 जिलों में बरामद 817 मोबाइलों को मंगलवार को उनके वास्तविक धारकों को सौंपा गया है। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने जिलावार मोबाइल बरामद व वास्तविक धारकों को सौंपे जाने की रिपोर्ट जारी की है।
पुलिस मुख्यालय ने जारी बयान में जानकारी दी है कि गुम व खोए हुए मोबाइल फोन की बरामदगी व उसके वास्तविक धारकों को वापस उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआइआर) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों में गुम/खोए मोबाइल फोन को ट्रेस कर वास्तविक मोबाइल धारकों को उपलब्ध कराने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। मोबाइल फोन वापस मिलने से आम नागरिकों के चेहरे पर खुशी और संतोष की मुस्कान दिखती है।
ये उनके लिए न केवल आर्थिक नुकसान की भरपाई है, बल्कि झारखंड पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसा और मजबूत हुआ है। झारखंड पुलिस इस अभियान को आगे भी प्रभावी रूप से जारी रखेगी।
किस जिले में कितने मोबाइल बरामद हुए और धारक को सौंपे गए
रांची (100), गुमला (24), लोहरदगा (14), खूंटी (53), सिमडेगा (128), जमशेदपुर (28), चाईबासा (33), सरायकेला (04), गढ़वा (57), लातेहार (24), बोकारो (78), धनबाद (29), हजारीबाग (07), चतरा (18), रामगढ़ (59), गोड्डा (18), जामताड़ा (37) व साहिबगंज (106)।
क्या है सीईआईआर पोर्टल
सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल भारत सरकार के दूरसंचार विभाग का एक आधिकारिक पोर्टल है। इसका उपयोग खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक, ट्रैक व अनब्लॉक करने के लिए किया जाता है। जब कोई इस पोर्टल पर खोए हुए मोबाइल फोन का आईएमईआई नंबर दर्ज करके ब्लॉक करता है तो वह भारत के सभी टेलीकॉम नेटवर्क पर ब्लैकलिस्ट हो जाता है।
सिमकार्ड बदलने के बाद भी चोर उस फोन का उपयोग नहीं कर पाता है। यदि कोई ब्लॉक किए गए फोन में नया सिमकार्ड डालता है तो पुलिस को इसका अलर्ट मिल जाता है, जिससे फोन ढूंढने में मदद मिलती है। फोन वापस मिलने पर इसी पोर्टल के माध्यम से उसे अनब्लॉक किया जा सकता है।
