झारखंड पुलिस का वेतन संकट: फरवरी का वेतन टैक्स में कटा, मार्च का अब तक पता नहीं; एसोसिएशन आक्रोशित
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से पुलिसकर्मियों के बकाया वेतन भुगतान का आग्रह किया है। फरवरी का वेतन आयकर में कट गया, जबकि मार्च का वेतन अभी तक ...और पढ़ें

पुलिस की दयनीय स्थिति पर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से की भुगतान की अपील।
HighLights
पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से वेतन भुगतान का आग्रह किया।
फरवरी का वेतन आयकर में कटा, मार्च का अभी तक नहीं मिला।
वित्तीय संकट से पुलिसकर्मियों का मनोबल गिर रहा है।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से पत्राचार कर बकाया वेतन का भुगतान कराने व कोषागार से निकासी संबंधित समस्याओं के समाधान का आग्रह किया है।
एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सह कोषाध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने उक्त पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को बताया है कि झारखंड पुलिस के पदाधिकारियों व जवानों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है।
वर्तमान में स्थिति यह है कि पुलिस पदाधिकारी वित्तीय संकट के उस दौर से गुजर रहे हैं, जहां उनके लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी दूभर हो गया है।
इसका मूल कारण यह है कि फरवरी माह का वेतन आयकर और राज्य सेवा शुल्क की कटौती में समाप्त हो गया। मार्च महीने का वेतन अब तक नहीं मिला।
दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर वित्तीय संकट सामने आ गया है। वेतन नहीं मिलने के कारण ये पुलिसकर्मी-पदाधिकारी अपने बच्चों की फीस नहीं भर पा रहे हैं।
बैंकों के ईएमआइ बाउंस हो रही है। परिवारों में शादियाें जैसे महत्वपूर्ण मांगलिक कार्यों में व्यवधान आ रहा है। बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयों और स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने आगे यह भी बताया है कि जब एक पुलिसकर्मी, पदाधिकारी मानसिक व आर्थिक रूप से इतना व्यथित होगा तो वह पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कैसे कर पाएगा।
यह स्थिति विभाग में अनजाने में ही अराजकता और असंतोष को जन्म दे रही है। अवैध तरीके से वेतन निकासी मामले की जांच को निष्पक्ष तरीके से कराया जाए, लेकिन इसके चलते अन्य अल्प वेतनभोगी पुलिसकर्मियों के वेतन को न रोका जाए।
मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि तत्काल प्रभाव से वेतन निकासी के आदेश निर्गत किए जाएं ताकि पुलिस बल का मनोबल बना रहे और सुशासन की नींव कमजोर न हो।
इससे पहले एसोसिएशन ने डीजीपी से भी पत्राचार कर पुलिसकर्मियों-पदाधिकारियों के वेतन भुगतान का आग्रह किया था। अब तक वेतन भुगतान नहीं हो सका है।
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