झारखंड ट्रेजरी घोटाले में गिरफ्तारियां तेज: बोकारो SP कार्यालय का एकाउंटेंट अरेस्ट, खाते से करोड़ों का लेन-देन; हजारीबाग से 5 शिकंजे में
बोकारो कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले में सीआईडी ने गृह रक्षा वाहिनी के जवान सतीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। उसके खाते में 1.06 करोड़ रुपये के ...और पढ़ें

एसपी बोकारो के लेखा कार्यालय के गृह रक्षक के खाते में मिले 1.06 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन।
HighLights
बोकारो अवैध वेतन निकासी मामले में जवान गिरफ्तार।
सतीश कुमार सिंह के खाते में 1.06 करोड़ संदिग्ध।
सीआईडी ने 43 लाख रुपये फ्रीज किए, जांच जारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। बोकारो में कोषागार से अवैध वेतन निकासी मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एसपी कार्यालय बोकारो के अकाउंट सेक्शन में प्रतिनियुक्त गृह रक्षा वाहिनी के जवान सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। अवैध निकासी मामले में हजारीबाग से पांच गिरफ्तार हो चुके हैं।
वह पूर्व में गिरफ्तार मुख्य आरोपित लेखापाल कौशल कुमार पांडेय का सहयोगी था। जांच में गिरफ्तार सतीश कुमार सिंह के खाते में लगभग 1.06 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की पुष्टि हुई है। इसके बाद ही सीआईडी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खाते में पड़े 43 लाख रुपये को फ्रीज करा दिया है। इस मामले की जांच अभी जारी है।

बोकरो में सतीश कुमार सिंह के खाते से 1.06 करोड़ के संदिग्ध लेन-देन, गिरफ्तार। (फोटो: जागरण)
एसआईटी का नेतृत्व कर रहे आईजी पंकज कंबोज
झारखंड सरकार के आदेश के बाद बोकारो में कोषागार से अवैध राशि की निकासी मामले में संबंधित कांडों को टेकओवर करते हुए सीआइडी ने अनुसंधान शुरू किया है। बोकारो से जुड़े केस में सीआइडी थाने में 24 अप्रैल को कांड संख्या 06/2026 दर्ज किया गया है।
इस कांड के प्रभावी व गहन अनुसंधान के लिए ही विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व आईजी पंकज कंबोज कर रहे हैं।
गिरफ्तार गृह रक्षक को सीआईडी रांची की विशेष अदालत में प्रस्तुत करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भेज दिया गया है। अब सीआईडी उसे रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी।
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हजारीबाग से पांच आरोपित हो चुके हैं गिरफ्तार
अवैध तरीके से वेतन निकासी मामले में हजारीबाग से अब तक पांच आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार आरोपितों में हजारीबाग एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में पदस्थापित सिपाही शंभू कुमार के अलावा शंभू की पत्नी काजल कुमारी, सिपाही धीरेंद्र सिंह, सिपाही रजनीश सिंह व उर्फ पंकज सिंह व रजनीश सिंह की पत्नी खुशबू सिंह शामिल हैं।
अबतक की पूछताछ में शंभू कुमार ने पुलिस को बताया है कि वैसे ही खातों के नाम पर अवैध निकासी की, जिनके नाम पर जेनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) या कंट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड (सीपीएफ) नहीं था।
नए बहाल होने वाले आरक्षियों, खासकर बाल आरक्षी को तुरंत जीपीएफ या सीपीएफ नंबर नहीं मिलता था। ऐसी स्थिति में उनके नाम पर एक अस्थाई खाता खोला जाता था, जिसके माध्यम से वेतन भुगतान होता था।
अवैध वेतन निकासी के लिए जो खेल हुए हैं, वे ऐसे ही खातों के माध्यम से हुए हैं। अपने रिश्तेदारों, परिचितों के नाम पर खाता खोलकर उन खातों में अवैध तरीके से फंड को स्थानांतरित किया जाता था।
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