ओमान में फंसी सिमडेगा की बेटी प्रीति की वतन वापसी, सीएम हेमंत सोरेन की पहल पर सुरक्षित लौटी भारत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित वापसी हो गई है।

हेमंत सोरेन। (फाइल फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ओमान से प्रीति कुजूर की सुरक्षित वापसी।
श्रम विभाग के नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया।
कंपनी मालिक ने वापसी के लिए 600 ओमानी रियाल मांगे थे।
राज्य ब्यूरो, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर ओमान (मस्कट) में परेशानियों का सामना कर रही सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित वापसी हो गई है।
श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अधीन कार्य कर रहे राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) के साथ मिलकर बातचीत की और युवती की सुरक्षित घर वापसी पक्की की। प्रीति शनिवार को भारत के लिए रवाना हो चुकी है। वह रविवार को अपने घर पहुंच जाएंगी।
प्रीति कुजूर के ओमान में फंसे होने का मामला सामने आते ही मुख्यमंत्री ने राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष को तुरंत मामले को सुलझाने और सुरक्षित वापसी कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद नियंत्रण कक्ष ने 23 जून को तुरंत यह मामला प्रोटेक्टर ऑफ एमिग्रेंट्स (पीओई), रांची और भारतीय दूतावास (मस्कट) को भेजा, जिसके बाद 24 जून को दूतावास ने प्रीति से संपर्क किया।
बताते चलें कि सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड स्थित मरारोमा गंझूटोली के रहने वाले रंतु कुजूर ने अपनी बहन प्रीति कुजूर के बारे में 19 जून को मदद की गुहार लगाई थी।
कमाई का लालच देकर भेजा ओमान
मार्च 2026 में भारत के एक एजेंट ने उसे दुबई में 45 से 50 हजार रुपये मासिक कमाई का लालच देकर ओमान भेज दिया था। वहां उनसे सिर्फ 23 से 25 हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक पर काम कराया गया।
जब उन्होंने भारत लौटने की बात कही, तो कंपनी मालिक ने बहुत सारे पैसों की मांग की। परिवार वालों से 1.92 लाख रुपये लेने के बाद भी उन्हें वापस नहीं भेजा गया। कंपनी मालिक दो वर्ष का ठेका पूरा होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रहा था।
नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर पीड़ित युवती की कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी दी और पैसों में छूट दिलाने तथा असली कागजात वापस दिलाने का अनुरोध किया।
बातचीत से कंपनी मालिक मांगी गई रकम को घटाकर 600 ओमानी रियाल करने पर मान गया। पैसे जमा कराने के बाद मालिक ने प्रीति कुजूर का पासपोर्ट और बाकी सभी असली कागजात लौटा दिए।
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