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    झारखंड में सरकारी कर्मियों के नाम बने राशन कार्ड, पोस्टल डिपार्टमेंट के भी सैकड़ों लोग; जल्द हटाने का मिला आदेश

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 05:18 PM (IST)

    झारखंड में 1272 सरकारी कर्मियों और 808 डाक विभाग से जुड़े लोगों के नाम पर राशन कार्ड पाए गए हैं, जिन्हें अपात्र घोषित किया गया है। इन सभी के नाम 25 अग ...और पढ़ें

    झारखंड में 1272 सरकारी कर्मियों के पास राशन कार्ड।

    झारखंड में 1272 सरकारी कर्मियों के पास राशन कार्ड।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में राशन कार्ड के नाम पर गड़बड़ियों की लंबी सूची देखकर यह अनुमान लगाना आसान है कि यहां के सरकारी कर्मियों को भी राशन कार्ड को लेकर नियमों की पूरी जानकारी नहीं है।

    कहीं ना कहीं यही कारण है कि राज्य के 1272 सरकारी कर्मियों ने अपने नाम पर राशन कार्ड ले रखा है। दूसरी ओर, पाेस्टल डिपार्टमेंट के भी आठ सौ से अधिक कर्मियों के नाम राशन कार्डों में दर्ज है।

    गलत ढंग से राशनकार्ड बनवाले लोगों की सर्वाधिक संख्या राजधानी रांची में है। राज्य के अन्य जिलों में लोगों के बीच जागरूकता की कमी को कारण माना जा सकता है, राजधानी रांची में तो ऐसा नहीं होना चाहिए।

    यही हाल बोकारो, धनबाद जैसे प्रमुख शहरों का भी है। कुल मिलाकर झारखंड में 1272 ऐसे लोगों के नाम राशन कार्ड होने के प्रमाण मिले हैं, जिनका नाम सरकारी कर्मियों में दर्ज है और हर माह इनके खाते में पीएफ की कटौती की राशि जमा होती है।

    दूसरी ओर, डाक विभाग के कर्मी भी कहां पीछे रहनेवाले हैं। डाक विभाग के उन एजेंटों को डाक कर्मी का दर्जा प्राप्त है जो नियमित तौर पर आम लोगों का खाता डाकघरों में खुलवाते हैं और उन्हें डाकघर में राशि जमा करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस क्रम में हजारों रुपये का कमीशन प्राप्त होता है।

    इनका कमीशन इतना हो जाता है कि इनकी गिनती गरीबों में नहीं हो। झारखंड में ऐसे लोगों की संख्या 808 है। विभागीय सचिव ने इनके नाम को लाभुकों की सूची से 25 अगस्त तक बाहर करते हुए विभाग को सूचित करने का निर्देश दिया है।

    ऐसा नहीं होने की स्थिति में भारत सरकार ने इन लोगों के नाम से जारी आवंटन को स्वत: रोकने का निर्देश दिया है।

    जिला सरकारी कर्मी पोस्टल कर्मी
    बोकारो 81 56
    चतरा 46 27
    देवघर 65 30
    धनबाद 123 64
    दुमका 37 49
    पूर्वी सिंहभूम 61 42
    गढ़वा 25 25
    गिरिडीह 121 70
    गोड्डा 21 19
    गुमला 19 16
    हजारीबाग 115 36
    जामताड़ा 35 21
    खूंटी 10 12
    कोडरमा 51 14
    लातेहार 10 19
    लोहरदगा 15 18
    पाकुड़ 3 9
    पलामू 81 78
    रामगढ़ 16 16
    रांची 265 116
    साहिबगंज 19 8
    सरायकेला-खरसावां 21 20
    सिमडेगा 14 10
    पश्चिमी सिंहभूम 18 33
    कुल 1272 808


    मां की मौत हुई, पिता ने दूसरी शादी कर ली, अब राशन के लाले

    लातेहार का एक मामला अपनेआप में अनोखा है। एक सरकारी सेवक की पहली पत्नी की मौत के बाद उसके दाे-दो बच्चे अपने दादा-दादी के साथ रह रहे हैं। अब क्योंकि बच्चे के अभिभावक का नाम सरकारी सेवक में शामिल है और इस आधार पर उसे राशन की सुविधा नहीं दी जा सकती है।

    समस्या यह भी है कि पिता ने दूसरी शादी करने के बाद इसकी जानकारी स्वयं नहीं दी और ना ही बच्चों के माध्यम से सरकार तक यह जानकारी पहुंच पाई। ऐसे में नाम काटने के अलावा कोई चारा नहीं है।

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