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    झारखंड में नया वेतन घोटाला! JPSC से PWD में बहाल 185 सहायक अभियंताओं को बैठे-बिठाए मिलेगा करोड़ों का फायदा

    Updated: Mon, 11 May 2026 12:29 PM (GMT+05:30)

    पथ निर्माण विभाग ने वित्त विभाग की आपत्ति के बावजूद सहायक अभियंताओं को 23 से 125 दिनों का वेतन और भत्ता देने का आदेश जारी किया है। इससे सरकारी खजाने प ...और पढ़ें

    झारखंड पथ निर्माण विभाग में वेतन घोटाले की तैयारी: वित्त विभाग की आपत्ति दरकिनार।

    झारखंड पथ निर्माण विभाग में वेतन घोटाले की तैयारी: वित्त विभाग की आपत्ति दरकिनार।

    HighLights

    1. अभियंताओं को 23 से 125 दिनों का अतिरिक्त वेतन।

    2. वित्त विभाग की आपत्ति के बावजूद आदेश जारी हुआ।

    3. इस निर्णय से सरकारी खजाने पर करोड़ों का बोझ।

    आशीष झा, रांची। वित्तीय वर्ष 2022-23 में नियुक्त सहायक अभियंताओं को लगभग चार वर्षों के बाद विनियमन का फायदा देने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर पथ निर्माण विभाग ने आदेश जारी भी कर दिया गया है लेकिन, यह आदेश वित्त विभाग की ओर से जारी आपत्ति को दरकिनार कर निकाला गया है।

    अब सहायक अभियंताओं को विनियमन का लाभ मिलता है तो खजाने से करोड़ों की राशि निकल जाएगी। जेपीएससी के माध्यम से बहाल 185 सहायक अभियंताओं को 23 दिनों से लेकर 125 दिनों तक का वेतन बैठे-बिठाए मिलेगा। पूरी सूची में कुल मिलाकर चार लोग ही ऐसे हैं जिन्हें एक भी दिन के विनियमन का लाभ नहीं मिलेगा।

    झारखंड में सरकार की आंख में धूल झोंककर गबन करनेवाले कर्मियों का एक और कारनामा सामने आया है। राज्य में लगभग तीन वर्ष पूर्व नियुक्त सहायक अभियंताओं की नियुक्ति के साथ शर्त यह थी कि उन्हें प्रभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन मिलेगा।

    कुछ कर्मियों ने पत्र जारी होने के साथ ही प्रभार ग्रहण कर लिया और कुछ अन्य को सेवा आवंटित होने में तीन-चार महीने का समय लग गया। इसके बाद वेतन के भुगतान काे लेकर सहायक अभियंताओं ने अपने विभाग से लेकर वित्त विभाग तक दौड़ लगाई।

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    लंबे प्रयास के बावजूद वित्त विभाग ने पूर्व से निर्धारित सेवा शर्तों का हवाला देते हुए अभियंताओं की इस मांग का ठुकरा दिया और उनके मूल विभाग को भी आपत्ति की जानकारी दे दी। इसके बाद कई अभियंता कोर्ट भी गए लेकिन उनको अभी तक राहत नहीं मिली।

    इस बीच पथ निर्माण विभाग के द्वारा न्यायालय में लिए गए विभागीय निर्णय के विपरीत यूटर्न लेते हुए वित्त विभाग की सहमति के बगैर अपने स्तर से भुगतान का आदेश निर्गत कर दिया गया।

    इसके तहत जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि कोर्ट के निर्णय से फैसला प्रभावित होगा। हास्यास्पद यह है कि पथ निर्माण विभाग उच्च न्यायालय में अपील में भी गया हुआ है और वो मांग भी न्यायालय के बाहर ही पूरा कर दिया।

    सेवा शर्त में योगदान देने की तिथि से वेतन भुगतान की बात 

    सहायक अभियंताओं की नियुक्ति के लिए विभाग की ओर से जारी सेवा शर्तों में स्पष्ट तौर पर उल्लेख है कि पदभार ग्रहण करने की तिथि से वेतन एवं भत्ता मिलेगा।

    आदेश की कंडिका 12 के अनुसार सेवा संहिता के नियम -58 एवं वित्तीय नियमावली के नियम 74 के तहत वेतन एवं भत्ता पदभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा। इस बीच, अभियंताओं ने लगातार प्रयास कर इस पत्र के इस अंश को संशोधित करवा लिया और नया आदेश जारी करवाया।

    नवंबर 2022 को जारी हुई थी अधिसूचना, मार्च में नियुक्त हुए

    सहायक अभियंताओं की नियुक्ति से संबंधित अधिसूचना 14 नवंबर 2022 को जारी हुई थी। इसके कुछ दिनों के बाद इन अभियंताओं को पथ निर्माण विभाग में नियुक्ति का निर्देश मार्च 2023 में जारी किया गया है। इस आदेश के बाद लगभग 5 करोड़ रुपये तक का भुगतान करना पड़ेगा।

    डोरंडा में ज्वाइन करने को 30 दिन और साहेबगंज के लिए एक दिन का समय

    इन सहायक अभियंताओं को डोरंडा में ज्वाइन करने के लिए तीस दिनों का समय दिया गया तो साहिबगंज में ज्वाइन करने के लिए एक दिन का समय दिया गया। ज्ञात हो कि डोरंडा राजधानी के बीचों बीच है और विभाग से चंद किमी की दूरी पर है जबकि साहिबगंज एक तरह से झारखंड का अंतिम छोर है।

    वित्त विभाग की ओर से पूर्व में निर्धारित नियमों के अनुसार अधिकतम सात दिनों में ज्वाइन करने का प्रविधान है लेकिन कर्मियों को एक महीने का समय दिया गया है। आश्चर्यजनक है कि कुछ अभियंताओं की पोस्टिंग योगदान दिये बिना ही कर दी गई है।

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