जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर: 'भविष्य की चिंता में सबको मार डाला...', थाने में बेटे को देख फूट-फूटकर रोया हत्यारा पिता
जमशेदपुर में रवींद्र सिंह ने भविष्य की चिंताओं और रिटायरमेंट के डिप्रेशन के चलते अपनी पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर दी। पुलिस हिरासत में बेटे अभिषेक ...और पढ़ें

जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर: भविष्य की चिंता में पिता ने परिवार को खत्म किया, बेटे के सामने रोया। (फोटो: जागरण)
HighLights
पिता रवींद्र सिंह ने भविष्य की चिंता में की हत्या।
बेटे अभिषेक से मिलकर पिता ने जुर्म कबूला, रोया।
रिटायरमेंट डिप्रेशन और आर्थिक तनाव बना हत्या का कारण।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सिदगोड़ा थाना अंतर्गत एग्रीको के क्वार्टर नंबर एल5/13 में सोमवार को हुए तिहरे हत्याकांड (ट्रिपल मर्डर) ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा है कि आखिर एक हंसते-खेलते और खुशहाल परिवार का ऐसा खौफनाक अंत क्यों हुआ। पड़ोसियों से लेकर रिश्तेदारों तक, हर कोई इस बात से हैरान है कि जो पिता अपने परिवार की ढाल था, वही अचानक उनका काल कैसे बन गया।
मंगलवार को इस पूरे मामले में उस वक्त एक बेहद भावुक और चौंकाने वाला मोड़ आया, जब आरोपी रवींद्र सिंह का बड़ा बेटा अभिषेक रायपुर से सिदगोड़ा थाना पहुंचा। पुलिस हिरासत में पिता और पुत्र की यह मुलाकात थाने में मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर गई।
थाने में बेटे को देख फूट-फूटकर रोया हत्यारा पिता
अभिषेक जैसे ही अपने पिता से मिलने सिदगोड़ा थाने के भीतर दाखिल हुआ, आरोपी रवींद्र सिंह उसे देखते ही फूट-फूटकर रोने लगे। पूरे परिवार को खत्म करने के बाद उनके चेहरे पर अपनी गलती का भारी पछतावा साफ दिख रहा था।
उन्होंने बेहद भावुक होकर रोते हुए अपने बड़े बेटे से कहा कि मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई है, अब तुम यहां से वापस चले जाओ। पिता की हालत और परिवार के उजड़ने का गम देखकर बेटा भी खुद को संभाल नहीं पा रहा था। पुलिस की मौजूदगी में आरोपी पिता बार-बार हाथ जोड़कर रोता रहा।
कत्ल की खौफनाक वजह: रिटायरमेंट का डिप्रेशन और भविष्य का डर
जब पुलिस अधिकारियों और बड़े बेटे ने रवींद्र सिंह से इस आत्मघाती कदम और कत्ल की वजह पूछी, तो जो हकीकत सामने आई वह डिप्रेशन के खतरनाक स्तर को बयां करती है। रवींद्र सिंह ने बताया कि वे पिछले काफी समय से घर और बच्चों के भविष्य की चिंता को लेकर गहरे मानसिक तनाव में जी रहे थे।
रिटायरमेंट के बाद जिंदगी कैसे कटेगी, खुद का घर कैसे बनेगा और बच्चों की शादी की जिम्मेदारी कैसे पूरी होगी, इन बातों ने उनके दिमाग पर कब्जा कर लिया था।
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सोमवार सुबह करीब 5 बजे जब वे सोकर उठे, तो उनके दिमाग में अचानक यह भयानक विचार आया कि अगर किसी बीमारी के कारण उनकी मौत हो गई, तो उनके बाद इस महंगाई के दौर में उनके परिवार का क्या होगा। इसी सनक और अंधकारमय भविष्य के डर के चलते उन्होंने पूरे परिवार को ही खत्म करने का खौफनाक फैसला ले लिया।
सुबह 5 बजे शुरू हुआ मौत का तांडव, खुद भी की सुसाइड की कोशिश
आरोपी ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह जब वह उठा तो उसका मानसिक संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका था। उसने सबसे पहले किचन में सुबह का खाना बना रही अपनी पत्नी सरिता सिंह पर जानलेवा हमला किया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
पत्नी को रास्ते से हटाने के बाद वह बेडरूम की तरफ बढ़ा, जहां उसकी बेटी सुप्रिया और छोटा बेटा रविषेक गहरी नींद में सो रहे थे। रवींद्र ने सोते हुए ही दोनों बच्चों पर हमला कर उन्हें भी मार डाला।
वारदात को अंजाम देने के बाद जब उसने अपनी पत्नी और बच्चों के शवों को खून से लथपथ देखा, तो उसे अपनी गलती का अहसास हुआ। इसके बाद उसने खुद भी फांसी लगाकर या किसी अन्य तरीके से आत्महत्या करने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो सका।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन, आरोपी को जेल भेजने की तैयारी
दूसरी ओर, इस तिहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही परिवार के अन्य रिश्तेदार और शुभचिंतक भी जमशेदपुर पहुंचने लगे हैं। मंगलवार को परिजनों के शहर पहुंचते ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस में तीनों शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक साथ तीन अर्थियां उठने की खबर से पूरे परिवार और रिश्तेदारों में कोहराम मचा हुआ है। सिदगोड़ा थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी रवींद्र सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।