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    सरकारी स्कूलों की पुस्तकों के कवर में दिखेगी झारखंड और जनजातीय संस्कृति की झलक, देखें क्या-क्या बदल जाएगा

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 06:25 PM (IST)

    झारखंड के सरकारी स्कूलों की कक्षा 3 से 8 तक की नई पाठ्यपुस्तकों में राज्य और जनजातीय संस्कृति की झलक दिखेगी। सितंबर तक डिजाइन तैयार होगा, और ये पुस्तक ...और पढ़ें

    झारखंडी संस्कृति से सराबोर होंगी सरकारी स्कूलों की नई पाठ्यपुस्तकें।

    झारखंडी संस्कृति से सराबोर होंगी सरकारी स्कूलों की नई पाठ्यपुस्तकें।

    HighLights

    1. कक्षा 3-8 की पुस्तकों में दिखेगी झारखंडी संस्कृति।

    2. निजी एजेंसी तैयार करेगी पुस्तकों का डिजाइन-लेआउट।

    3. शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू होंगी नई पुस्तकें।

    नीरज अम्बष्ठ, रांची। सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जानेवाली पाठ्य-पुस्तकों में झारखंड और जनजातीय संस्कृति की झलक दिखेगी। प्रत्येक पुस्तकों के कवर से लेकर अंदर के पृष्ठों का ले आउट और डिजाइन संबंधित शैक्षणिक सामग्री के अनुसार स्थानीय इनपुट को सम्मिलित करते हुए तैयार किया जाएगा।

    झारखंड शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) द्वारा कक्षा तीन से आठ के लिए नई पुस्तकें तैयार की जा रही हैं, जिसके डिजाइन और ले आउट तैयार करने को लेकर यह निर्णय लिया गया है।

    डिजाइन, इलस्ट्रेशन और ले-आउट तैयार करने की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को दी जाएगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुल छह कक्षाओं के लिए छह लाट में पुस्तकों के डिजाइन और ले-आउट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

    एजेंसी को एक या इससे अधिक लाट की जिम्मेदारी दी जा सकती है। एजेंसी द्वारा सभी पुस्तकों को मिलाकर 5,700 से 6,000 पेज का ले-आउट और डिजाइन तैयार किया जाएगा। डिजाइन तैयार करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित कर दी गई है।

    सितंबर माह तक यह काम पूरा होगा। टेंडर के माध्यम से चयनित होनेवाली एजेंसी पाठ्य-पुस्तकों के लिए एंड-टू-एंड विज़ुअल, लेआउट और प्री-प्रेस प्रोडक्शन के लिए जिम्मेदार होगी। इसके तहत पुस्तक की डिजाइन और ले-आउट तैयार करने के लिए जेसीईआरटी द्वारा स्वीकृत सीरीज़ डिज़ाइन सिस्टम को अपनाया जाएगा।

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    पेज ग्रिड, मार्जिन, काॅलम और टेक्स्ट फ्लो से लेकर हेडिंग, सबहेडिंग, बाॅडी टेक्स्ट आदि के फांट तय किए जाएंगे। बच्चों के लिए सही कलर और आसानी से पढ़ा जा सकनेवाला हो। कोर टेक्स्ट पेज के अलावा एक्टिविटी और वर्कशीट वाले पेज की डिजाइन भी एजेंसी तैयार करेगी।

    डिजाइन तैयार करते समय बच्चों की आयु, जेंडर सेंसेटिविटी तथा संस्कृति को ध्यान में रखा जाएगा। बताते चलें कि जेसीईआरटी द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्म, 2023 तथा स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क, झारखंड के आधार पर नई पुस्तकें तैयार की जा रही हैं।

    इस शैक्षणिक सत्र में पहली एवं दूसरी कक्षा की बदली हैं पुस्तकें

    बुधवार से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पहली एवं दूसरी कक्षा की नई पुस्तकें लागू होंगी। जेसीईआरटी ने इस शैक्षणिक सत्र के लिए इन दोनों कक्षाओं की पुस्तकें तैयार की हैं। तीसरी से आठवीं कक्षाओं की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं।

    पुस्तकें तैयार करने के लिए पिछले वर्ष ही एसओपी तैयार किया गया है, जिसके आधार पर पुस्तकें तैयार की जा रही हैं। इन कक्षाओं की पुस्तकें शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू हो पाएंगी।

    डिजाइन में दिखेगी इनकी झलक

    • जनजातीय समुदाय
    • स्थानीय पर्व-त्योहार जैसे, करमा, सोहराय, टुसु, सरहुल आदि
    • ग्रामीण एवं शहरी भूमि
    • लाइवलीहुड
    • झारखंड के वन, झरने, वन्यजीव, नदियां आदि
    • स्कूल लाइफ

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