झारखंड में 10 हजार असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए टीचर नीड असेसमेंट जरूरी, 12 मई से एग्जाम
झारखंड में 12 से 14 मई तक तीसरा टीचर नीड असेसमेंट (TNA) होगा, जिसमें लगभग 10,000 नवनियुक्त सहायक आचार्यों को भाग लेना अनिवार्य है। ...और पढ़ें
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
HighLights
12-14 मई तक तीसरा टीचर नीड असेसमेंट होगा।
10 हजार नवनियुक्त सहायक आचार्यों को अनिवार्य भागीदारी।
शिक्षकों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का आकलन मुख्य उद्देश्य।
राज्य ब्यूरो, रांची। शिक्षकों के आवश्यकता आकलन के लिए तीसरे राउंड का टीचर नीड असेसमेंट (टीएनए) 12 से 14 मई तक आयोजित होगा।
इसमें हाल में नियुक्त लगभग 10 हजार शिक्षकों (सहायक आचार्यों) के लिए भाग लेना अनिवार्य होगा। इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण शुरू हो गया है।
पंजीकरण की अंतिम तिथि पांच मई निर्धारित की गई है। झारखंड शिक्षा परियाेजना परिषद ने इसे लेकर सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों तथा जिला शिक्षा अधीक्षकों को दिशा-निर्देश भेज दिया है।
इन जिला पदाधिकारियों को समन्वय बनाकर अधिक से अधिक शिक्षकों का इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि वे इस आकलन परीक्षा में भाग ले सकें। नवनियुक्त सहायक आचार्यों का भी ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर निबंधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
दो पालियों में होगी परीक्षा
यह टीचर नीड असेसमेंट परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली की परीक्षा साढ़े नौ बजे से 12 बजे तक तथा दूसरी पाली की परीक्षा अपराह्न 12.30 बजे से तीन बजे तक आयोजित होगी।
इसमें सभी सरकारी विद्यालयों के शिक्षक, पारा शिक्षक, सहायक आचार्य, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय के सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से सम्मिलित होंगे।
जिला पदाधिकारियों को शिक्षकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध कराई सामग्री का अध्ययन करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि शिक्षक इस आकलन परीक्षा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।
बताते चलें कि अबतक दो राउंड का मूल्यांकन पिछले वर्ष क्रमश: अप्रैल तथा नवंबर माह में हो चुका है। इसमें पंजीकरण करानेवाले 99 प्रतिशत शिक्षकों की भागीदारी रही है।
टीचर नीड असेसमेंट का उद्देश्य शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए आवश्यकता का आकलन करना है। इससे पता चलता है कि शिक्षकों को किस तरह के प्रशिक्षण की आवश्यकता है। बताते चलें कि राज्य सरकार ने सभी शिक्षकों के लिए 50 घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण भी लागू किया है।