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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jharkhand Politics: विधानसभा चुनाव में गठबंधन का नया प्रयोग देखेगा झारखंड, क्‍या भाजपा के साथ होगा खेला?

    Updated: Mon, 15 Jul 2024 02:07 PM (IST)

    Jharkhand Assembly Elections 2024 इस बार झारखंड की राजनीत‍ि में एक नए गठबंधन ने पैर पसारे हैं। बिहार और केंद्र में भाजपा का साथ देने वाली जदयू ने इस ब ...और पढ़ें

    सरयू राय और नीतीश कुमार की पटना में मुलाकत की तस्‍वीर।
    सरयू राय और नीतीश कुमार की पटना में मुलाकत की तस्‍वीर।

    HighLights

    1. भाजपा छोड़ अपनी पार्टी बना चुके सरयू राय जद(यू) के संग तालमेल कर बढ़ाएंगे राजनीतिक सफर
    2. चल रही राजनीतिक कवायद को लेकर BJP सतर्क, हाशिये पर चले रहे नेताओं के छिटकने के आसार
    3. भाजपा के वरिष्ठ नेता आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो के निरंतर संपर्क में हैं

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड विधानसभा के चुनाव को लेकर प्रमुख दलों ने जहां तैयारी तेज कर दी है, वहीं पार्टियों के बीच आपसी गठबंधन को लेकर कवायद भी चरम पर है। नए राजनीतिक घटनाक्रम में भाजपा छोड़कर अपनी अलग पार्टी (भारतीय जन मोर्चा- भाजमो) बना चुके सरयू राय ने जनता दल (यूनाइटेड) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का निर्णय किया है।

    इस संबंध में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ पटना में उनकी बैठक में सैद्धांतिक सहमति हो चुकी है। जनता दल (यूनाइटेड) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का महत्वपूर्ण घटक दल है। ऐसे में सरयू की भाजपा से दूरी तथा जदयू से नजदीकी की स्थिति भी देखने वाली होगी।

    जदयू का रुख भी अहम होगा। कुल मिलाकर झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर नया राजनीतिक प्रयोग देखने को मिलेगा। फिलहाल बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और झारखंड के पूर्व मंत्री सरयू राय के बीच तालमेल पर भाजपा की भी नजरें हैं।

    इसकी प्रबल संभावना है कि जल्द ही भाजपा में हाशिये पर चल रहे कई नेता सरयू राय के साथ खड़े दिख सकते हैं। लोकसभा चुनाव में कई स्थानों पर प्रत्याशी चयन के बाद पैदा हुए असंतोष का यह प्रभाव होगा।

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    भाजपा और आजसू पार्टी के तालमेल पर भी नजर

    विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के आजसू पार्टी संग तालमेल पर भी नजर है। केंद्र में मंत्री पद नहीं मिलने से आजसू पार्टी के एकमात्र सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने नाराजगी जताई थी।

    आजसू पार्टी का क्षोभ इस बात को लेकर था कि जब एक सांसद वाले दल के नेता को केंद्र सरकार में मंत्री पद दिया गया तो आजसू पार्टी के साथ समान व्यवहार क्यों नहीं हुआ।

    उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा और आजसू पार्टी के बीच तालमेल नहीं हो पाया था। इसका असर चुनाव परिणाम पर भी पड़ा था। भाजपा के वरिष्ठ नेता आजसू पार्टी के प्रमुख सुदेश महतो के निरंतर संपर्क में हैं। चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने भी उनसे मुलाकात की है।

    सुदेश महतो ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री सुदेश महतो से भी भेंट की है। उधर हालिया लोकसभा चुनाव के दौरान कुछ लोकसभा क्षेत्रों में अच्छा वोट जुटाने वाले टाइगर जयराम महतो पर भी बड़े दलों की नजर है। गठबंधन को लेकर जल्द ही विभिन्न दलों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

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