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    झारखंड में सड़कों और मोहल्लों के नामकरण पर नई नियमावली, नगर विकास विभाग ही तय कर सकेगा नाम

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 10:56 AM (IST)

    झारखंड सरकार ने शहरी क्षेत्रों में सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों के नामकरण के लिए नई नियमावली बनाई है। इसके तहत जाति-सूचक, सांप्रदायिक या अपमा ...और पढ़ें

    स्थानीय निकायों के पास नहीं होगा नाम तय करने का अधिकार, नामकरण प्राधिकरण तय करेगा नाम।

    स्थानीय निकायों के पास नहीं होगा नाम तय करने का अधिकार, नामकरण प्राधिकरण तय करेगा नाम।

    HighLights

    1. नामकरण का अधिकार अब राज्य स्तरीय प्राधिकरण के पास।

    2. जाति-सूचक, अपमानजनक नामों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

    3. विवादित नामों को हटाने के लिए होगा विशेष सर्वेक्षण।

    राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में सड़कों, मोहल्लों, कालोनियों और आम लोगों के उपयोग वाली जगहों के नाम रखने के लिए नई नियमावली बनाई है। झारखंड नगर निकाय (सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों का नामकरण और क्रमांकन) नियम, 2026 के तहत अब जाति-सूचक, सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील या अपमानजनक नामों को बदलना होगा।

    राज्य सरकार ने इस नियमावली का ड्राफ्ट तैयार कर उस पर आम लोगों से आपत्तियां मांगी हैं। यह नियमावली सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों पर लागू होगी। खास बात यह है कि सड़कों और मोहल्लों के नाम तय करने का अंतिम अधिकार अब नगर निकायों के पास नहीं रहेगा।

    प्रस्तावित नियमावली में यह अधिकार राज्य स्तरीय नामकरण प्राधिकरण को दिया गया है, जो नगर विकास एवं आवास विभाग के अधीन होगा। इसमें नगर निकायों को नामकरण के लिए प्रस्ताव तैयार करने का अधिकार तो दिया गया है, लेकिन इसकी अंतिम स्वीकृति नामकरण प्राधिकरण से लेनी होगी।

    नियमावली में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी नाम को लेकर नगर निकाय और नामकरण प्राधिकरण के बीच मतभेद होता है, तो नामकरण प्राधिकरण का निर्णय ही मान्य होगा ।

    प्राधिकरण अपने से भी बदल सकेगा नाम, इन नामों पर होगा प्रतिबंध

    नामकरण प्राधिकरण स्वतः संज्ञान लेकर भी किसी सड़क या मोहल्ले का नाम बदलने का काम कर सकता है। ऐसे नामों पर रोक लगाई जाएगी, जो जाति-सूचक या अपमानजनक हो। ऐसे नाम जो किसी जाति, समुदाय, धर्म, लिंग या वर्ग के लिए अपमानजनक हों, उनपर प्रतिबंधित लगाए जाएंगी।

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    ऐसा नाम जो उसी शहर या आस-पास के किसी अन्य शहर में पहले से मौजूद नाम से मिलता-जुलता हो, जिससे डाक, पुलिस या आपातकालीन सेवाओं में भ्रम पैदा हो, वह भी नहीं रखा जाएगा। कोई भी नाम जो अश्लील हो या धर्म, जाति या भाषा के आधार पर समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देता हो, वह नहीं रखा जा सकेगा।

    किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर पर नामकरण करने पर लेनी होगी पूर्व अनुमति

    किसी जीवित व्यक्ति के नाम पर सड़क या मोहल्ले का नामकरण करने के लिए राज्य सरकार की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। किसी ऐसे व्यक्ति का नाम जो नैतिक पतन या राज्य के खिलाफ अपराध का दोषी पाया गया हो उसका प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

    विवादित नामों को हटाने के लिए 30 दिनों के भीतर होगा विशेष सर्वेक्षण

    नियमावली के तहत राज्य के सभी शहरी निकायों को 30 दिनों के भीतर एक सर्वेक्षण दल गठित करना है। यह दल अपने क्षेत्र की सभी सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों का सर्वेक्षण करेगा और उन नामों की पहचान करेगा जो अपमानजनक श्रेणी में आते हैं।

    सर्वेक्षण दल को 90 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसके बाद नगर निकाय 30 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें राज्य स्तरीय नामकरण एवं युक्तिकरण समिति को भेजेंगे।

    नए नामकरण की बनाई प्रक्रिया

    यदि कोई नई सड़क या मोहल्ला बनता है तो संबंधित नगर निकाय को 90 दिनों के भीतर उसका नाम सुझाना होगा। यह प्रस्ताव पहले नगर निकाय की परिषद द्वारा पारित किया जाएगा, फिर नामकरण प्राधिकरण को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ही उस नाम को आधिकारिक रूप से लागू किया जा सकेगा।

    किसी सड़क या मोहल्ले का नाम बदलने के लिए वार्ड के कम से कम एक-चौथाई पंजीकृत मतदाताओं का प्रस्ताव आवश्यक होगा। इसके अलावा, नामकरण प्राधिकरण स्वयं भी किसी नाम को बदलने की पहल कर सकता है।

    नामकरण प्राधिकरण में ये होंगे सम्मिलित

    • निदेशक, नगर प्रशासन : अध्यक्ष
    • संबंधित जिले के डीसी या उनके द्वारा नामित कोई अधिकारी जो अपर समाहर्ता के रैंक से नीचे का न हो : सदस्य
    • संबंधित निकाय का कमिश्नर या एग्जीक्यूटिव आफिसर : सदस्य
    • गृह विभाग के संयुक्त सचिव रैंक का पदाधिकारी : सदस्य
    • झारखंड सरकार के संबंधित विभाग के संयुक्त सचिव रैंक का कोई पदाधिकारी जिसने संबंधित स्ट्रीट, रोड, मोहल्ला या पब्लिक प्लेस को विकसित किया हो : सदस्य
    • नगर विकास विभाग का संयुक्त सचिव या उपसचिव : सदस्य सचिव