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    SIR Guidelines: फॉर्म खराब हो गया, क्या नया फोटो नहीं देने से कट जाएगा नाम? चुनाव आयोग ने जारी की अहम जानकारी

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 01:55 PM (IST)

    झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फोटो अपडेट करना अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसकी सलाह दी गई है। मतदाता की अनुपस्थिति में परिवार के ...और पढ़ें

    चुनाव आयोग ने जारी की अहम जानकारी। एआई जेनरेटेड इमेज

    चुनाव आयोग ने जारी की अहम जानकारी। एआई जेनरेटेड इमेज

    HighLights

    1. फोटो अपडेट अनिवार्य नहीं, पर नवीनतम फोटो देने की सलाह।

    2. मतदाता की अनुपस्थिति में परिवार सदस्य फोटो जमा कर सकते हैं।

    राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में 30 जून से चल रहे मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं को अपडेट फोटो देना अनिवार्य नहीं है। हालांकि चुनाव आयोग ने अपडेट फोटो देने की सलाह मतदाताओं को दी है।

    मतदाताओं के रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए मतदाताओं से नवीनतम पासपेार्ट साइज का रंगीन फोटो लिया जा रहा है। इससे मतदाता नए रंगीन फोटो वाला मतदाता पहचान पत्र (ईपिक कार्ड) प्राप्त कर सकेंगे।

    दरअसल, मतदाताओं को दिए जा रहे गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) में मतदाताओं की वही तस्वीर है, जो चुनाव आयोग के पास उपलब्ध है। ऐसे में कई मतदाताओं की काफी पुरानी तस्वीर है।

    गणना प्रपत्र भरने के समय फोटो को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि यदि बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र संग्रहित करने के समय मतदाता घर पर मौजूद नहीं हैं या नौकरी, पढ़ाई वगैरह के सिलसिले में झारखंड से बाहर है, तो मतदाता के परिवार का कोई सदस्य ईसीनेट रिकॉर्ड में अपनी तस्वीर अपडेट करने के लिए मतदाता के हाल ही के रंगीन फोटो चिपकाकर गणना प्रपत्र जमा कर सकता है।

    यदि मतदाता बीमार है या किसी अन्य कारण से बीएलओ ऐप के जरिए अपना लाइव फोटो नहीं दे सकता है, तो मतदाता या परिवार का कोई सदस्य मतदाता के हाल के रंगीन फोटो के साथ गणना प्रपत्र भर सकते हैं।

    मतदाता के लिए हाल के रंगीन फोटो देना अनिवार्य नहीं है, लेकिन सलाह और अनुरोध किया जाता है कि वे या तो बीएलओ ऐप के माध्यम से लाइव रंगीन फोटो दें अथवा हाल के बिना हस्ताक्षर वाले पासपोर्ट साइज का रंगीन फोटो (4.5 सीएम x 3.5 सीएम) दें, जिसमें सफेद बैकग्राउंड के साथ पूरा चेहरा सामने से दिख रहा हो।

    मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने गणना प्रपत्र खराब होने पर नया मिलने को लेकर संशय को भी स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, मतदाताओं को दो प्रति में यह प्रपत्र दिया जा रहा है। ये क्यूआर बेस्ड हैं और हर मतदाता के लिए व्यक्तिगत हैं। उनमें कुछ जानकारी पहले से भरी हुई है, इसलिए, उसके खराब होने पर किसी अन्य मतदाता के गणना प्रपत्र का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।

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    मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरते समय पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसमें कहा गया है कि मतदाता को पहला गणना प्रपत्र भरना चाहिए और दूसरा प्रपत्र अलग रखना चाहिए। जब पहला प्रपत्र सही ढंग से भर लिया जाए तो दूसरे प्रपत्र को पहले प्रपत्र की कार्बन कापी की तरह भरना चाहिए।

    यदि प्रपत्र भरते समय पहली प्रति खराब हो जाती है, तो संबंधित मतदाता दूसरे गणना प्रपत्र की अच्छी फोटो कॉपी लेकर पहली प्रति के तौर पर दोबारा भर सकते हैं। अगर दोनों प्रतियां खराब हो गई हैं, तो ईसीनेट ऐप पर गणना प्रपत्र ऑनलाइन भरा जा सकता है।

    यदि किसी मतदाता को ऐसी स्थिति में ऑनलाइन भरना नहीं आता तो वह बीएलओ के जरिए संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) से गणना प्रपत्र की नई प्रति ले सकते हैं। यह ईआरओ के पास साफ्ट कापी में उपलब्ध हैं। बताते चलें कि, इन बिंदुओं पर झामुमो ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से शंकाओं का समाधान करने का अनुरोध किया था।