Jharkhand SIR के दौरान भूलकर भी न दें गलत जानकारी, सभी दस्तावेज हमेशा के लिए रहेंगे सुरक्षित
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने निर्देश दिया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित सभी दस्तावेज स्थायी रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रख ...और पढ़ें

झारखंड में एसआईआर। फाइल फोटो
HighLights
SIR दस्तावेजों का डिजिटलीकरण और स्थायी संरक्षण होगा।
फार्म में केवल वर्तमान और सही जानकारी दर्ज करें।
मैपिंग कॉलम में पिछली SIR सूची का विवरण भरें।
राज्य ब्यूरो, रांची। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR ) अभियान से जुड़े सभी दस्तावेजों को स्थायी रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन के साथ उनके भौतिक संरक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को जूम के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (इआरओ), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (एइआरओ) एवं उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मतदाता इन्यूमरेशन फार्म भरते समय मतदाता अपनी वर्तमान और सही जानकारी ही दर्ज करें। यदि किसी अन्य दस्तावेज में कोई त्रुटि है, तो उसे आधार बनाकर वोटर आईडी में गलत जानकारी नहीं भरनी चाहिए। वहीं, मैपिंग कालम में वही विवरण दर्ज किया जाए, जो पिछली SIR मतदाता सूची में अंकित है।
इन्यूमरेशन फार्म भरने की प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि बीएलओ घर-घर जाकर दो प्रतियों में इन्यूमरेशन फार्म उपलब्ध करा रहे हैं। फार्म पर संबंधित बीएलओ का नाम और मोबाइल नंबर भी अंकित है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मतदाता सीधे संपर्क कर सकें।
फार्म में पहले से मतदाता का नाम, ईपीआईसी नंबर, पता, विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या और पुरानी फोटो मुद्रित है। मतदाता को नई रंगीन पासपोर्ट आकार की फोटो चिपकानी होगी या बीएलओ ऐप के माध्यम से फोटो अपलोड की जाएगी।
उन्होंने कहा कि फार्म के दूसरे भाग में जन्म तिथि के आधार पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार विवरण भरना होगा। तीसरे भाग में जन्म तिथि, मोबाइल नंबर, आधार संख्या (वैकल्पिक), माता-पिता अथवा पति-पत्नी से संबंधित वर्तमान जानकारी दर्ज करनी होगी। अंतिम भाग में घोषणा के साथ हस्ताक्षर करना अनिवार्य है।
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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी पात्र मतदाताओं से फार्म शीघ्र भरकर बीएलओ को सौंपने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्म के साथ किसी प्रकार का अतिरिक्त दस्तावेज संलग्न नहीं करना है। यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-31 के तहत विदेशी नागरिक द्वारा गलत जानकारी देना या अवैध रूप से फार्म भरना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित ईआरओ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
इन बिंदुओं पर दिया जोर
- एसआईआर के सभी दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन और स्थायी संरक्षण होगा।
- फार्म में केवल वर्तमान और सही जानकारी ही दर्ज करें।
- मैपिंग कालम में पिछली SIR सूची का विवरण हुबहू भरें।
- 14 जुलाई को सभी जिलों में बीएलओ व बीएलए-2 की बैठक के साथ चुनाव पाठशाला आयोजित होगी।
- अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और हस्ताक्षर से इन्कार करने वाले मतदाताओं की सूची पर विशेष समीक्षा होगी।