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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'हेमंत सोरेन की योजनाओं से बौखला गए हैं भाजपा नेता', झामुमो का बाबूलाल मरांडी पर तीखा हमला

    Updated: Wed, 07 Aug 2024 09:17 AM (GMT+05:30)

    हेमंत सरकार के कामकाज को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे हमलों पर झामुमो ने पलटवार किया है। झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा है कि हेमंत सरक ...और पढ़ें

    हेमंत सरकार की योजनाओं से सदमे में भाजपा: झामुमो।
    हेमंत सरकार की योजनाओं से सदमे में भाजपा: झामुमो।

    HighLights

    1. भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे हमलों पर झामुमो का पलटवार
    2. सुप्रियो ने कहा- हेमंत सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से सदमे में भाजपा
    3. हिमंत सरमा पर भी साधा निशाना, दो करोड़ नौकरी के वादे पर पूछा सवाल

    राज्य ब्यूरो, रांची। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का दावा है कि सरकार की कल्याणकारी योजना से भाजपा नेताओं को झटका लगा है।

    महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री मईयां महिला सम्मान योजना की सफलता और इसे महिलाओं द्वारा हाथों-हाथ लेने से भाजपा के नेता बौखला गए हैं। यही वजह है कि बाबूलाल मरांडी समेत अन्य भाजपा नेता इसकी आलोचना में जुटे हैं।

    हेमंत सरकार की योजनाओं से सदमे में भाजपा

    उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना से भाजपा सदमे में चली गई है। लोकसभा चुनाव हारने के बाद उसे मुद्दा नहीं मिल रहा है। भाजपा नेताओं ने घुसपैठ का मुद्दा लाया, लेकिन इसके जरिए वे हिन्दू-मुस्लिम कर रहे हैं।

    भाजपा कह रही है कि ऐसी तमाम योजनाओं से सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। दरअसल भाजपा अब मुद्दाविहीन हो गयी है। उसे समझ में ही नहीं आ रहा है कि वह कौन सा मुद्दा लेकर जनता के बीच जाएं।

    झारखंड का बकाया नहीं दे रही केंद्र

    भट्टाचार्य ने कहा कि अगर केंद्र सरकार राज्य का बकाया 1.36 लाख करोड़ दे, तो ऐसी-ऐसी कई योजनाएं हेमंत सरकार ला सकती है। जीएसटी का भी बकाया केंद्र सरकार नहीं देती है।

    सहायक पुलिस कर्मियों की सभी मांगे सरकार ने मानी

    उन्होंने कहा कि सहायक पुलिस कर्मियों की सभी मांगे सरकार ने मान ली है। कई स्तर की वार्ता हुई, मगर कुछ विरोधी तत्वों के कारण उनका आंदोलन खत्म नहीं हो रहा है।

    उम्मीद है कि आंदोलन बहुत जल्द खत्म हो जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास से पूछना चाहिए, कि नियुक्ति में कई ऐसी शर्तें डाल दी गई कि मोरहाबादी मैदान में आंदोलन चल रहा है।

    हिमंत बिस्व सरमा पर भी साधा निशाना

    असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा पर निशाने साधते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार से हिसाब मांगने का हक नहीं है। उन्हें अपने नेताओं से पूछना चाहिए कि 2014 में दो करोड़ नौकरी देने का वादा किया था, वह कहां गया। पार्टी ने मईयां योजना का फार्म छपवाया है, जिसे हमारे कार्यकर्ता गांव-गांव लेकर जाएंगे और महिलाओं को देंगे।

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