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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    '...जमीन हड़पने के लिए माता-पिता का नाम बदल दिया', संकल्प यात्रा के समापन समारोह में हेमंत सोरेन पर बरसे जेपी नड्डा

    By Jagran NewsEdited By: Shashank Shekhar
    Updated: Sat, 28 Oct 2023 06:32 PM (IST)

    झारखंड की राजधानी रांची में बाबूलाल के संकल्प यात्रा के समापन समारोह पर हरमू मैदान में जनसभा आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जेपी नड्डा ...और पढ़ें

    संकल्प यात्रा के समापन समारोह में हेमंत सोरेन पर बरसे जेपी नड्डा
    संकल्प यात्रा के समापन समारोह में हेमंत सोरेन पर बरसे जेपी नड्डा

    HighLights

    1. 'गड़बड़ी नहीं की तो वे कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाते।'
    2. इनकी धार्मिक आस्था इलेक्शन टूरिज्म से जुड़ी होती है- जेपी नड्डा

    राज्य ब्यूरो, रांची। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शनिवार को झारखंड दौरे पर पहुंचे। इस दौरान संकल्प यात्रा के समापन समारोह में हिस्सा लिए। हरमू मैदान में जनसभा का आयोजन किया गया है।

    संकल्प यात्रा के समापन समारोह के अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा,

    भ्रष्टाचार में डूबे हेमंत सोरेन ईडी से तारीख पर तारीख मांग रहे हैं। कहते हैं कि उनके पीछे सीबीआई और ईडी भेज दिया। गड़बड़ी नहीं की तो वे कोर्ट का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाते। ऐसा कोई मुख्यमंत्री नहीं है, जिसने अपने नाम जमीन का टेंडर निकाला। हेमंत ने ही ऐसा किया। जमीन हड़पने के लिए अपने माता-पिता का भी नाम बदल दिया।

    नड्डा ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि हेमंत सोरेन आदिवासी की बात करते हैं, लेकिन आदिवासियों का इतना नुकसान किसी ने नहीं किया, जितना उन्होंने किया। हेमंत सरकार ने वोट की राजनीति के लिए धर्मांतरण की मौन स्वीकृति दी। उनका वोट नहीं जाना चाहिए। भले ही आदिवासियों का धर्मांतरण हो जाए।

    'एक महिला नेत्री इलेक्शन टूरिज्म पर निकली हैं।'

    जेपी नड्डा ने बिना नाम लिए कहा कि एक महिला नेत्री इलेक्शन टूरिज्म पर निकली हैं। अभी वे राजस्थान में हैं। कभी महिलाओं की सशक्तिकरण की बात नहीं की, लेकिन चुनाव आया है तो अब महिलाओं की याद आई है।

    वह महिला नेत्री ने प्रधानमंत्री पर अट्टहास करते हुए कहा है कि मंदिर के डब्बा में इतने पैसे डाले। ये भारतीय संस्कृति और आस्था क्या जानें? इनकी धार्मिक आस्था इलेक्शन टूरिज्म से जुड़ी होती है, जिसे हम श्रद्धा से दान पत्र कहते हैं। उसे वे डब्बा कहती हैं। इनका दिमाग ही डब्बा हैं। इनकी नीति और नीयत को जनता को बताएं।

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