झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा: पेपर लीक का दावा फर्जी, नकली प्रश्नपत्र से 15-15 लाख ठगे, 159 गिरफ्तार
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने स्पष्ट किया है कि उत्पाद सिपाही परीक्षा में पेपर लीक का दावा फर्जी था। रांची पुलिस ने एक शातिर सॉल्वर गैंग का भंडाफ ...और पढ़ें

पुलिस और JSSC का दावा दोनों पेपर में कोई मेल नहीं था।
HighLights
JSSC ने उत्पाद सिपाही परीक्षा में पेपर लीक का दावा नकारा।
शातिर सॉल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों से 15 लाख तक ठगे।
सरगना अतुल वत्स सहित 5 अपराधी और 159 अभ्यर्थी गिरफ्तार।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की उत्पाद सिपाही नियुक्ति परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ है। आयोग का दावा हो कि मूल प्रश्न पत्र से मैच नहीं करता है नकली पेपर। यह पूरी तरह ठगी का मामला है।
आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने रांची में संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि तमाड़ से बरामद प्रश्नपत्र मूल परीक्षा के प्रश्नों से बिल्कुल अलग थे।
रांची एसएसपी की सूचना पर कराई गई जांच में यह सामने आया कि एक शातिर सॉल्वर गैंग ने अभ्यर्थियों को ठगने के लिए फर्जी पेपर लीक का दावा किया।
गैंग ने निर्दोष अभ्यर्थियों से 15 लाख रुपये तक की रकम वसूली। आयोग अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई।
गैंग ने केवल अभ्यर्थियों को ठगने के लिए यह अफवाह फैलाई। तमाड़ मामले पर सभी पहलुओं पर पुलिस अधिकारियों की टीम नजर रख रही है। कोई अपराधी बच नहीं पाएंगे।
मुख्य खुलासा
- अतुल वत्स सॉल्वर गैंग का सरगना समेत 5 अपराधी गिरफ्तार
- 159 अभ्यर्थियों को भी गिरफ्तार किया गया
सभी गिरफ्तार अभ्यर्थियों के खिलाफ कार्रवाई होगी और उन्हें आयोग की परीक्षा से डिबार कर दिया जाएगा। आगे जांच जारी रहेगी।
रांची एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार गैंग के सदस्य पहले भी पेपर लीक के मामलों में आरोपी रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को चेतावनी दी है कि परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रही ठगी के गिरोहों को उजागर करती है। पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है।