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    वायरल OMR शीट और परीक्षाओं पर बोले पूर्व JPSC चेयरमैन एल खियांग्ते, निष्पक्ष जांच के लिए दिया इस्तीफा

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 06:01 PM (IST)

    झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते ने जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का कारण निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बताया। उन्होंने किसी दबाव में इस्त ...और पढ़ें

    जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा के लिए किसी तरह के दबाव से किया इन्कार।

    जेपीएससी अध्यक्ष पद से इस्तीफा के लिए किसी तरह के दबाव से किया इन्कार।

    HighLights

    1. एल खियांग्ते ने निष्पक्ष जांच के लिए जेपीएससी अध्यक्ष पद छोड़ा।

    2. दबाव में इस्तीफा देने की बात को सिरे से नकारा, बताया अपना स्टाइल नहीं।

    3. सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग की।

    राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते ने कहा है कि जेपीएससी मामले की निष्पक्ष जांच हो, इस सोच के साथ उन्होंने इसके अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने किसी तरह के दबाव में अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने से सिरे से इन्कार करते हुए कहा कि दबाव में काम करने का उनका स्टाइल नहीं है।

    आमतौर पर मीडिया से बात करने से परहेज करनेवाले खियांग्ते ने पहली बार इस्तीफे पर अपनी बात मीडिया के समक्ष रखी। खियांग्ते ने कहा कि जेपीएससी में सीआइडी की जांच शुरू होते हुए उन्हें लगा कि अध्यक्ष की कुर्सी पर रहते हुए उनपर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती। इस कारण उन्होंने सबसे पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

    अब वे सामान्य नागरिक हैं। सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना कई परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जेपीएससी की वर्ष 2002 की नियमावली में यह प्रविधान है कि स्क्रीनिंग परीक्षाओं के परिणाम जारी करने में सदस्यों का अनुमोदन अनिवार्य नहीं होगा। अंतिम मेधा सूची तैयार करने में ही सभी सदस्यों का अनुमोदन अनिवार्य है।

    14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की वायरल ओएमआर शीट पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में परीक्षा से संबंधित एजेंसी ही बता सकती है। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को परीक्षा का काम देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई नहीं चाहता कि किसी ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को काम दिया जाए। एजेंसी की क्षमता को देखते हुए उसका चयन किया जाता है।

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    खियांग्ते ने यह भी कहा आयोग के अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद उनके मन में कई चीजों को करने का था। धीरे-धीरे सुधार के कई काम हो भी रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उन सभी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। 

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