यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Land Registry: कैसे होगा जमीन का दाखिल-खारिज? ऑन द स्पॉट निपटाने के निर्देश को लग रहा पलीता, झारनेट नहीं कर रहा काम
Jharkhand News झारखंड में जमीन मालिकों को दाखिल-खारिज से जुड़े काम कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। झारनेट के ठीक तरह से काम नहीं करने के क ...और पढ़ें

HighLights
- आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रमों में आवेदन आ तो रहे निदान नहीं हो रहा
- परिसीमन, परिमार्जन और परिशोधन के मामले अटक रहे, उत्तराधिकारी दाखिल खारिज भी नहीं
- जिन इलाकों में कैंप लग रहा वहां अक्सर झारनेट की सुविधा नदारद, बहानों की सूची लंबी हो रही
आशीष झा, रांची। आपकी योजना आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में झारनेट के कारण आवेदनकर्ताओं की समस्या का ऑन द स्पॉट निराकरण नहीं हो पा रहा है। अलग-अलग स्तरों पर कारण भी अलग-अलग बताए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यही है कि लोगों की समस्याओं का निदान नहीं हो रहा है।
गुरुवार को राजधानी रांची में कई इलाकों में कैंप लगे जिसमें राजस्व अभिलेखों में संशोधन के लिए 303 आवेदन प्राप्त हुए और इसमें से महज दो आवेदनों का निदान हो सका।
दो आवेदन ही निपटाए गए
ये दो आवेदन करने वाले खुशनसीब लोगों में से एक सिल्ली प्रखंड के बंता हजाम गांव के रहनेवाले हैं तो दूसरे राहे के होटलो गांव के। इन दोनों का काम ऑन द स्पॉट तो हो गया, लेकिन सैकड़ों की संख्या में राजधानी रांची सहित पूरे प्रदेश में आवेदन लंबित रह गए हैं।
अब आवेदनों के बढ़ते ढेर को कम करने के लिए विभाग को कोई ना कोई उपाय करना ही होगा। कारण कि राजस्व विभाग के कर्मी सभी कैंपों में मौजूद होते हैं और इन कर्मियों को निर्देश है कि वे आवेदनों का ऑन द स्पॉट निराकरण करें।
इन कर्मियों को अपने मोबाइल से डाटा इस्तेमाल करते हुए कोई काम नहीं करना है। एनआईसी ने इस तरह की व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी और यह माना गया था कि राजस्व कर्मी अपने-अपने घरों से काम कर रहे हैं।
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आम जनता का काम रुका
इसे रोककर ऑफिस से काम करने के लिए निर्देश देने को कहा गया था। इस प्रकरण के बाद राजस्व कर्मियों के सामने बड़ी परेशानी आ गई कि वे ऑन द स्पॉट काम करेंगे कैसे, झारनेट की सुविधा तो सीमित जगहों पर ही है।
एनआईसी ने इस बात पर भी आपत्ति जताई थी कि कर्मी अपने मोबाइल का डेटा क्यों इस्तेमाल कर रहे हैं। बात जो भी हो स्पष्ट तौर पर आम लोगों का काम रुक रहा है। सरकार को अब कोई उपाय करना होगा।
वीपीएन नंबर से पता चला था कि बड़े पैमाने पर कर्मी अपने घरों से ही काम कर रहे हैं। आईटी विभाग की ओर से आपत्ति के बाद राजस्व विभाग ने जरूरी कदम उठाए हैं। हमारी कोशिश होगी कि लोगों का काम किसी भी स्थिति में रुके नहीं। - चंद्रशेखर, सचिव, राजस्व विभाग
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